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सपा नेता और कांग्रेस विधायक कराते हैं अवैध खनन

Fri, 04 Nov 2016 10:58 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
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एसपी राजेंद्र पांडेय का पत्र। - फोटो : अमर उजाला
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बांदा। करोड़ों रुपये की बालू के रोजाना हो रहे अवैध खनन मामले में यहां पुलिस अधीक्षक रहे आरपी पांडेय ने ‘लेटर बम’ फोड़ा है। प्रदेश के गृह सचिव और डीजीपी समेत कई अफसरों को भेजे पत्र में कहा कि यहां सपा के एक वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के एक विधायक सिंडीकेट बनाकर अवैध खनन करा रहे हैं। यह भी कहा है कि दोनों अफसरों पर राजनैतिक दबाव बनाते हैं। उधर, विधायक और सपा नेता ने पलटवार कर कहा है कि एसपी ने जाते समय एक बालू माफिया के इशारे पर यह पत्र भेजा है।
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पुलिस अधीक्षक रहे आरपी पांडेय ने 13 अक्तूबर को डीएम को संबोधित पत्र में कहा है कि गोपनीय जांच कराने पर पता चला है कि जिले के कुछ प्रभावशाली नेता अवैध खनन में लिप्त हैं। इसे बढ़ावा देने के लिए अफसरों पर दबाव डालते हैं।

मुख्य रूप से सपा नेता लाखन सिंह और कांग्रेस विधायक दलजीत सिंह अवैध खनन और सिंडीकेट बना अवैध कार्य करते हैं। एमपी से आने वाली गाड़ियों से वसूली और उन्हीं की आड़ में बांदा जिले की सीमा में बालू का अवैध खनन कराते हैं। यह भी लिखा कि इसे रोकने के लिए राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों की विशेष टीम बनाई जानी चाहिए।
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पत्र में एक और गंभीर आरोप लगाया कि एमपी की सीमा से आने वाले बालू, मौरंग के ट्रकों में जो एमएम-11 दिया जाता है, वह अधिकांश फर्जी होता है। इसकी जांच के लिए छतरपुर के डीएम को अवगत कराने और उसकी प्रमाणिकता की जांच जरूरी है।

पत्र में उन्होंने समुचित मार्गदर्शन मांगा था। पत्र की प्रति प्रमुख सचिव (गृह) उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, आईजी इलाहाबाद जोन और डीआईजी चित्रकूटधाम मंडल को भेजी गई है।

उधर, इस बारे में विधायक दलजीत सिंह और सपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि लाखन सिंह ने कहा है कि एसपी ने यह पत्र अपने स्वजातीय व बालू कारोबारी के इशारे पर लिखा है। हमारा बालू कारोबार से कोई वास्ता नहीं है। न ही हमारे नाम खदान या पट्टा है। दोनों नेताओं ने कहा कि जिला पंचायत चुनाव की खुन्नस में एसपी से यह पत्र लिखवाया गया है।

विधायक दलजीत ने कहा कि इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। सीबीआई जांच हो जाती तो माफिया, एसपी और डीएम के भी जेल जाने की नौबत आ जाती। विधायक ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि बालू के बारे में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी से कभी बात की हो तो कोई साबित करे। वे विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे।

प्रभारी डीएम को नहीं जानकारी
बांदा। बात बालू की हो तो हर अफसर बिदकता है। अवैध खनन पर नपी-तुली भाषा या रटारटाया जवाब देता है। पुलिस अधीक्षक द्वारा सपा नेता और विधायक पर अवैध खनन कराने का आरोप लगाने संबंधी डीएम को भेजे पत्र के सवाल पर मौजूदा प्रभारी जिलाधिकारी गंगाराम गुप्ता का कहना था कि उन्हें इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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