बांदा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बड़ोखर खुर्द ब्लाक में गठित महिला स्वयं सहायता समूहों और ब्लाक मिशन मैनेजर की ओर से किए गए करीब सवा करोड़ के गबन मामले में उपायुक्त ने पांच लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। अब मामला डीजीसी (जिला शासकीय अधिवक्ता) के पास राय के लिए भेजा गया है। इसके बाद सरकारी धनराशि का गबन करने वाले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा। 15 में दस आरोपी महिलाओं ने निकाले गए रुपये जमा करने की हामी भरी है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बड़ोखर खुर्द ब्लाक में मिशन प्रबंधक आकांक्षा कुशवाहा सहित आदर्श ग्राम संगठन से जुड़ी 15 महिलाओं ने सीएलएफ के तहत आने वाली करीब सवा करोड़ रुपये गबन कर लिया। करीब एक वर्ष बाद मामला उजागर हुआ तो डीएम के निर्देश पर जिलाधिकारी ने सीडीओ को जांच के आदेश दिए। सीडीओ के आदेश पर एनआरएलएम में जिला समन्वयकों की तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। जांच में ब्लाक मैनेजर आकांक्षा कुशवाहा सहित 15 महिलाएं गबन में दोषी पाई गई थीं।
एनआरएलएम उपायुक्त भइययन राम ने दोषी महिलाओं को नोटिस देकर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा था। इनमें से दस आरोपित महिलाओं ने गबन की बात स्वीकार की और निकाली गई धनराशि वापस जमा करने के लिए समय मांगा। वहीं ब्लाक मिशन मैनेजर पर 80 लाख और ग्राम संगठन अध्यक्ष कमलेश राजपूत पर 49 लाख रुपये गबन का आरोप है। इन दोनों समेत पांच महिलाओं ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इस पर उपायुक्त ने इनके खिलाफ नगर कोतवाली में तहरीर दी है। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए मामला कोर्ट पहुंचा है। जिला शासकीय अधिवक्ता की राय के बाद मंगलवार तक इन पर एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। उधर, बीएमएम आकांक्षा कुशवाहा ने गबन करने के बाद नौकरी छोड़ दी थी।
-गबन के मामले में कोतवाली में पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। आरोपितों पर जल्द ही कार्रवाई होगी। एफआईआर के बाद इनसे रिकवरी भी कराई जाएगी। -भइय्यन राम, उपायुक्त एनआरएलएम।