अब किसानों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए अफसरों का इंतजार नहीं करना होगा। हर तहसील में एक शिकायत पेटी लगाई जाएगी। किसान उसी में अपनी शिकायत डालेंगे। उस शिकायत की रजिस्टर में एंट्री होगी। अफसर तुरंत उसके निस्तारण की व्यवस्था करेंगे। इस काम की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं।
शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने मीडिया को बताया कि इस बारे में मुख्य सचिव के निर्देश आए हैं। तहसील में लगी शिकायत पेटी से रोजाना अर्जियां निकालीं जाएंगी। उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण होगा।
नोडल अधिकारी रोजाना सुबह 10 बजे शिकायतों और उनके निस्तारण की समीक्षा करेंगे। जरूरत के मुताबिक जांच अधिकारी/लेखपाल को फोन पर निर्देश देंगे। एसडीएम भी व्यक्तिगत रूप से रोजाना इसकी समीक्षा करेंगे। किसी भी तरह की राहत बिल्कुल न बंटने या ज्यादा शिकायतें होने पर नायब तहसीलदार/सुपरवाइजर कानूनगो के नेतृत्व में लेखपालों की टीम से जांच कराई जाएगी।
डीएम ने बताया कि जनपद में 3,26,884 किसानों को राहत राशि बांटी जा चुकी है। बांदा तहसील में 65,652 किसानों को 3180 लाख, बबेरू मेें 76,920 किसानों को 3380 लाख, नरैनी में 70,662 किसानों को 3033 लाख, अतर्रा में 66,634 किसानों को 3070 लाख और पैलानी तहसील में 46,666 किसानों को 1925 लाख रुपये बांटे जा चुके हैं।
शासन से 16,588.07 लाख रुपये मिले हैं, जिसमें से जनपद मेें अब तक 14,588 लाख रुपये किसानों को बांटे जा चुके हैं। नरैनी में 7, अतर्रा में 3 और बबेरू में 4 गांवों में आंशिक या पूर्णतया वितरण शेष है। एक हफ्ते के अंदर यहां भी राहत राशि बांट दी जाएगी। कृषक दुर्घटना बीमा योजना 2014-15 में कुल 207 दावे लंबित हैं। अब तक 1018.50 लाख रुपये वितरित किए जा चुके हैं।