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पच्चीस हजार से कम नहीं मिलेगा मुआवजा

Mon, 16 Mar 2015 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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ओला और बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन करने आए प्रदेश के प्रमुख सचिव (कृषि शिक्षा) अमित मोहन प्रसाद ने बीमा, कृषि व बैंक अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए कि पांच दिन तक जिले में रहकर किसानों के फसलों की हुई क्षति का आंकलन करें। खरीफ की फसलों की बकाया बीमा राशि तत्काल किसानों को अदा करें। उप कृषि निदेशक उमेशचंद कटियार ने उन्हें ओलावृष्टि व बारिश से करीब दो अरब रुपये से ज्यादा के नुकसान का आंकड़ा पेश किया है।
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सरकार के निर्देश पर आए प्रमुख सचिव ने सोमवार को कृषि विश्वविद्यालय में हुई बैठक में माना कि जिले में 90 फीसदी से ज्यादा रबी फसलों को नुकसान हुआ है। उप कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार ने बताया कि प्रमुख सचिव ने यह भी कहा है कि किसी भी किसान को 25 हजार रुपये से कम क्षतिपूर्ति नहीं दी जाएगी।

उधर, कृषि विभाग ने जिले में ओलावृष्टि और बारिश के नुकसान का आंकड़ा बदलकर अब और ज्यादा नुकसान बताते हुए क्षतिपूर्ति की रिपोर्ट भेजी है। उप निदेशक के मुताबिक मसूर, चना, मटर, सरसों, अलसी की फसल में करीब 2 अरब का नुकसान हुआ है।
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गौरतलब है कि पिछले माह भारी बारिश और ओलावृष्टि से जिले में करीब 80 हजार किसानों के बुरी तरह प्रभावित होने की रिपोर्ट तैयार हुई थी। अब यह आंकड़ा ढाई लाख किसानों का पहुंच गया है।

नई रिपोर्ट में करीब दो अरब कीमत की चना, मसूर, मटर, लाही आदि फसलें खेतों में बर्बाद होने की सूचना शासन को भेजी गई है। डीडी ने बताया कि नुकसान के आंकलन के लिए राजस्व कर्मचारियों की टीमें गठित की जा रही हैं। प्लाट-टू-प्लाट फसलवार सर्वे कराया जा रहा है।

ओलावृष्टि से तबाही के बाद कृषि विभाग ने बटाईदारों को भी क्षतिपूर्ति देने की जानकारी दी है। डीडी उमेशचंद्र के मुताबिक सर्वे में बटाईदार किसानों को भी शामिल किया जाएगा। शासन को रिपोर्ट भेजकर उन्हें उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 40 हजार से ज्यादा किसान ऐसे हैं जो बटाई पर खेती कर परिवार पालते हैं।
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