मर्दन नाका पुलिस चौकी रोड पर नाला चोक होने से घरों में भर गए पानी के विरोध में जाम लगाए क्षेत्रीय बाशिदें।
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बांदा। नगर पालिका को अपनी ही लापरवाही भारी पड़ी। नाली चोक होने पर एक पखवारे से घरों में जलभराव की लगातार की जा रही शिकायत को हल्के से लेने और ठोस कदम न उठाने पर शुक्रवार को बारिश के बीच लोगों के विरोध और हंगामे का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आकर स्थिति संभाली। अंग्रेजों के समय में बनी मजबूत भूमिगत नाली को आनन-फानन तोड़ने का काम शुरू किया। यह देर रात तक जारी था। मर्दन नाका अवस्थी पुल के पास एक पखवारे से नाली चोक होने पर घरों में जलभराव है। साधारण सी बारिश में भी सड़कों और घरों में बाढ़ जैसा नजारा हो रहा है। अखबारों में फोटो सहित इस संकट का समाचार छप रहे हैं। लेकिन नगर पालिका ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। शुक्रवार को बारिश के बाद क्षेत्रीय लोग भड़क उठे। अलविदा के पवित्र मौके पर घरों में गंदा पानी भर गया। चार दिन बाद ईद है। क्षेत्रीय लोगों ने सड़क पर अवरोध खडे़ करके जाम लगा दिया। कुछ देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट आरके श्रीवास्तव, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रभात कुमार, सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी, नगर पालिका ईओ वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, कोतवाली प्रभारी केपी सिंह और नगर पालिका सफाई निरीक्षक एचएस निरंजन पहुंच गए। उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में आनन-फानन जेसीबी मशीन से चोक भूमिगत नाली को खोदने का काम शुरू हो गया। ईओ श्री श्रीवास्तव ने बताया कि नए सिरे से नाली का निर्माण कराया जाएगा।