बांदा। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने गेहूं खरीद में किसानों के भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई है। महानिदेशक (पीसीएफ) लखनऊ को भुगतान में हो रही लापरवाही से अवगत कराते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। उधर, शेल्टर होम में राशन किट वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग न होने पर भी नाराजगी जताई।
मंडलायुक्त ने मंगलवार को अतर्रा सहकारी क्रय विक्रय समिति लिमिटेड के खरीद केंद्र का निरीक्षण किया। केंद्र प्रभारी से किसानों की दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। प्रभारी ने बताया कि 88 किसानों से गेहूं खरीदा गया। आठ किसानों को भुगतान किया गया है। भुगतान प्रक्रिया में हो रही लापरवाही पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर की। क्षेत्रीय प्रबंधक (पीसीएफ) के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिदेशक से संस्तुति की। संभागीय खाद्य नियंत्रक को निर्देश दिए कि पीसीएफ द्वारा भुगतान में लगातार की जा रही लापरवाही से प्रमुख सचिव (सहकारिता) को अवगत कराएं। शासन द्वारा निर्धारित 72 घंटे में भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। खरीद के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के भी निर्देश दिए।
इसके पूर्व मंडलायुक्त ने शहर के भगवती प्रसाद मेमोरियल (सर्वोदय नगर) शेल्टर होम का निरीक्षण किया। यहां मुंबई से आए प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही थी। यहां के बाद अतर्रा स्थित शेल्टर होम में तब्दील तथागत ज्ञान स्थली स्कूल का भी निरीक्षण किया। यहां रुके प्रवासी मजदूरों से असुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्हें यहां सबकुछ ठीकठाक मिला। अलबत्ता मजदूरों को राशन किट वितरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर मंडलायुक्त खफा हो गए। उन्होंने भीड़ एकत्रित कर किट न बांटने के साथ नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में अपर आयुक्त (प्रशासन) और तहसीलदार भी उनके साथ रहे।