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पहले के घर बने नहीं, नए के लक्ष्य की तैयारी

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बांदा। पहले के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास बने नहीं, प्रशासन ने चालू वित्तीय वर्ष के आवासों के लक्ष्य की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए खंड विकास अधिकारियों से मांग के अनुरूप लाभार्थियों की सत्यापित सूची उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। पिछले वर्ष स्वीकृत साढ़े 16 हजार पीएम आवासों में अब तक सिर्फ 1100 आवास ही तैयार हो सके हैं। करीब साढ़े 15 हजार आवास अधूरे हैं।
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जनपद को वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 16,544 आवासों का लक्ष्य दिया गया था। जिसमें 16,537 पात्रों को ही आवास स्वीकृत हुए। इनमें शत-प्रतिशत लाभार्थियों को प्रथम किस्त और 2066 लाभार्थी को द्वितीय व तृतीय किस्त दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक महज 1100 ही आवास बनकर तैयार हो सके हैं। 15,437 आवास निर्माण अधूरे हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 45 आवास का लक्ष्य दिया गया था। इनमें अभी तक महज 11 आवास ही बन सके हैं। पिछले दिनों प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई समीक्षा में आवासों के निर्माण की प्रगति धीमी होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।
निर्देश दिए थे कि आवास निर्माण की प्रगति की प्रतिमाह समीक्षा की जाए। योजनांतर्गत प्रथम किस्त प्राप्त लाभार्थी को 28 दिन, द्वितीय किस्त प्राप्त लाभार्थी को 62 दिन का मनरेगा के अंतर्गत मस्टर रोल जारी कर आवास निर्माण में ही काम दिया जाए। डीएम व सीडीओ को लापरवाही बरतने वाले अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित करने के आदेश भी दिए थे, लेकिन आवास निर्माण की प्रगति में सुधार नहीं हुआ। अब प्रशासन ने चालू वित्तीय वर्ष के आवासों के लक्ष्य की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण आरपी मिश्रा ने खंड विकास अधिकारियों को आदेश दिए कि वह चालू वित्तीय वर्ष के लिए मांग के अनुरूप लाभार्थियों की सत्यापित सूची उपलब्ध कराएं, ताकि शासन से लक्ष्य की मांग की जा सके।
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