बांदा। सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम पर अवैध कार्यों का दबाव और उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार ने तनाव में खुद को चाकू मारकर घायल कर लिया है। इसका खुलासा उन्होंने मुख्यमंत्री सहित मंडलायुक्त और पुलिस अधीक्षक तथा विभागीय अधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में किया है। वह अपने घर पर ही हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार अतर्रा क्षेत्र में तैनात हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री सहित अधिकारियों और मीडिया को दिए पत्र में बताया कि वह खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
आरोप लगाया कि सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम अतर्रा के व्यापारियों पर कार्रवाई के लिए उन्हें अपने आवास पर बुलाते हैं और घंटों बैठाकर व्यापारियों पर अवैध कार्रवाई कराते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अतर्रा एसडीएम द्वारा अनावश्यक दबाव बनाने से त्रस्त होकर शुक्रवार की रात उन्होंने अपने शरीर को चाकू से गोद लिया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने लिखा है कि उक्त अधिकारी व्यापारियों से सांठ-गांठ करके ऊंची रकम वसूल करते हैं, आरोप हम खाद्य सुरक्षा अधिकारियों पर लगता है। विभाग में कोई चार पहिया वाहन नहीं है। किराए पर बुक करना पड़ता है। सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि उनका पूरा वेतन इसी खर्च हो जाता है। विभाग से कोई खर्च नहीं मिलता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने अनुरोध किया कि उन्हें अभिहित अधिकारी और सहायक आयुक्त खाद्य के निर्देश पर प्रवर्तन कार्रवाई करने की अनुमति दी जाए। उनका रोका हुआ वेतन दिया जाए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार ने फोन पर बताया कि उन्हें सैंपल लेने का अधिकार है, लेकिन एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार नहीं है। फिर भी एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बनाते हैं। एफआईआर दर्ज न कराने के आरोप में उनका वेतन रोक दिया गया। उनके विरुद्ध शासन को लिखा गया है। इसी से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। वह बांदा शहर में किराए के मकान में अकेले रह रहे है।
उधर, इस बारे में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह ने अपने ऊपर लगाए आरोपों के सवाल पर कोई जवाब नहीं दिया। दूसरी तरफ अतर्रा एसडीएम जेपी यादव ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनर्गल आरोप लगा रहे है। फतेहगंज में गुटका, पान मसाला पकड़ा गया था। उस पर ठोस कार्रवाई के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी से कहा गया था, लेकिन यह न करके वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं।