पूर्व विधायक चंद्रभान सिंह (चंदा भइया) की स्मृति में लुकतरा गांव के दाने बाबा मंदिर परिसर में दो दिवसीय अखिल भारतीय दंगल प्रतियोगिता हुई। इसमें महिला पहलवानों ने भी दांवपेच दिखाए।
शनिवार को फाइनल मुकाबला नंद किशोर (पपरेंदा) और रवि पहलवान (झांसी) के बीच हुआ। कांटे की टक्कर में हार-जीत का फैसला नहीं हो सका। दोनों को सामूहिक रूप से विजेता घोषित किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय की मंजू और ऊषा ने भी दांवपेंच दिखाए।
सत्येंद्र ने मंजू और ऊषा ने संदीप पहलवान को चित किया। कल्लन (सढ़ा), रामखिलावन (झांसी), रामाशीष व धर्मेंद्र (बनारस), नीशू (लुकतरा), अरबाज खां (इंदौर), गौतम (दिल्ली), औतार (झांसी), सुमित व मेदांत (मेरठ), रामविलास (चित्रकूट), छोटू (भरुवा), चंद्रप्रकाश (खप्टिहा) ने प्रतिद्वंदियों को हराया।
समरजीत व विजय कुमार (बनारस), गोविंद व जयराम, बदलू (खप्टिहा) व रोहित (झांसी), रामाशीष व कौशल, रामदेव व देवेंद्र, शिवम व छोटू, बऊवा व सत्येंद्र और अरबाज व शुभम की कुश्ती बराबरी पर छूटी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को आयोजकों ने पुरस्कृत किया।
सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, पूर्व एमएलसी युवराज सिंह, सपा नेता सुशील त्रिवेदी, राजेंद्र यादव, भाजपा नेता विशंभर सिंह लालू, दीपक सिंह गौर आदि मौजूद रहे। दंगल संयोजक तुलसीराम यादव, सचिव अवधेश सिंह, संरक्षक त्रिभुवन सिंह गौतम आदि ने व्यवस्था संभाली। संचालन मेहरबान सिंह (झांसी) ने किया।