बांदा। मुख्य सचिव से फरियाद करने आई आत्महत्या करने
वाले किसान की विधवा को अफसरों द्वारा धक्के मारकर बाहर भगा देने के विरोध
में ग्रामीणों ने गुरुवार को काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया। साथ ही
गांव में धरना दिया।
नरैनी तहसील के मानपुर गांव की बेलपतिया के पति
राजाराम ने कर्ज और बैंक के दबाव से परेशान होकर पिछले साल अप्रैल में
आत्महत्या कर ली थी। मृतक के परिवार को कोई मदद नहीं मिली।
पारिवारिक
लाभ योजना में मिले 30 हजार रुपये बैंक मैनेजर ने विधवा की बिना सहमति
बैंक खाते में जमा कर लिए। यही सब फरियादें लेकर बेलपतिया बुधवार को पड़ुई
गांव मुख्य सचिव से मिलने गई थी।
बेलपतिया ने बताया कि नरैनी
एसडीएम ने उसके हाथ से अर्जी ले ली और बाहर कर दिया। मुख्य सचिव से नहीं
मिलने दिया। धौंस-धमकी दी और बदसलूकी की।
यह खबर मिलने पर गुरुवार
को अतर्रा ग्रामीण क्षेत्र के भाऊराम गर्ग पुरवा में ग्रामीण लामबंद हो गए
और काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाया।
ग्रामीणों ने कहा है कि
उपेक्षा का सिलसिला नहीं रुका तो गांव में ही बेमियादी सत्याग्रह शुरू
करेंगे। उधर, बेलपतिया ने बैंक शाखा प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई और
पारिवारिक लाभ योजना का 30 हजार रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
चेतावनी दी कि 26 जनवरी से गांव में ही सत्याग्रह शुरू करेगी। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो गांव में आत्महत्या कर लेगी।