ओरन (बांदा)। दहिनवारा कार्यक्रम से घर लौटते समय मंगलवार की दोपहर हादसे का शिकार ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार महिलाएं बुंदेली गीत गा रही थीं। हादसे के बाद उनके सुर चीख-पुकार में तब्दील हो गए। उधर, कार्यक्रम में शामिल होने के लिए परिवार के लोगों और रिश्तेदारों को ले जाने के लिए दो हजार रुपये किराये पर ट्रैक्टर-ट्राली लिया था।
हादसे में घायल रामसुफल और उसकी पत्नी सुमन ने बताया कि दहिनवारा में पूरे परिवार और रिश्तेदारों को ले जाने के लिए गांव के ही परिचित से किराये में ट्रैक्टर लिया था। सभी लोग रविवार को दहिनवारा के लिए दलपा पुरवा पहुंच गए थे। सोमवार को कार्यक्रम की रस्में निभाई गईं। शाम ज्यादा हो जाने पर मजबूरन वहीं रुकना पड़ गया। मंगलवार को खुशियों के साथ सब लौट रहे थे कि हादसे के शिकार हो गए। मरने वालों में उसकी किशोर उम्र बेटी भूरी और चाची चुन्नी देवी व भाइयों की बेटी अर्चना व सुशीला शामिल हैं। हादसे में अपनों को खो देने का गम जिंदगीभर नहीं भूलेगा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रैक्टर चालक धर्मेंद्र यादव ने कूदकर अपनी जान बचा ली। ड्राइविंग सीट के अगल-बगल बैठे लोग भी कूदकर जान बचाने में सफल रहे, लेकिन ट्रॉली में सवारों को मौका नहीं मिला।
कुछ दूर छिटक गए तो अधिकांश महिला-पुरुष और बच्चे ट्रॉली के नीचे दब गए। शोर सुनकर आसपास लोगों ने उन्हें पहले बाहर निकाला। फिर पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मृतक और घायल सभी एक ही परिवार के थे। घायल महिला-पुरुष एक-दूसरे का हाल लेने के लिए बेताब थे। पारिवारिक लोगों के शवों को देखकर आसपास का माहौल शोक में बदल गया। उधर, सहेवा गांव निवासी कमलेश यादव का एक वर्षीय पुत्र पुष्पेंद्र अपनी मां कुइया के गोद में सो रहा था। हादसे के वक्त वह मां की गोद से छिटक कर पुआल में जा गिरा। उसे खरोंच तक नहीं आई, लेकिन मां कुइया गंभीर रूप से घायल हो गई। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। बेटे को सुरक्षित पाकर मां कुइया के आंसू छलक पड़े। बेटे पुष्पेंद्र को चूमते हुए बोली, मेरा बेटा सुरक्षित है इससे बड़ी खुशी की बात नहीं है। उसका दर्द भी दूर हो जाएगा।
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ये हुए घायल---
सहेवा गांव के रामसुफल, सुमन, गीता, मिंती, बुद्धविलास, सुभद्रा यादव, रामा देवी, पिंकी, कुइया, दीपला, सावित्री, राजा, सुनैना, चंदन, कानपुर का छह साल का आर्यन, महोखर निवासी अरविंद, रानी, कुल्लू खेड़ा निवासी संगीता, गिरवां निवासी सुधा और बहोरवापुरवा निवासी जावित्री।