बुंदेलखंड का खास इलाका चित्रकूटधाम मंडल मौसम की जबरदस्त मार सह रहा है। सोेमवार को तापमान के तेवर आक्रामक रहे। अप्रैल के दूसरे हफ्ते में पारे का जो आंकड़ा है, उसने पिछले डेढ़ दशकों का कीर्तिमान तोड़ दिया है। इन दिनों जब पारा 40 डिग्री होना चाहिए था तब यह 44 डिग्री पर आ गया है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। पेयजल संकट बढ़ने के आसार हैं। हाईवे पर वाहनों में अचानक आग लग रही है।
बुंदेलखंड में हर मौसम कहर ढाता है। बारिश में बाढ़, ठंड में गलन और गर्मी में लू और तपन। मौजूदा में गर्मी कहर ढा रही है। सोमवार को अप्रैल का मध्य दिवस यानी दूसरे पखवाड़े का आखिरी दिन था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस तिथि में आमतौर पर सामान्य रूप से अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक होना चाहिए, पर सोमवार को यह 44 डिग्री था। यानी सामान्य से चार डिग्री अधिक। दक्षिण-पूर्व 5 से 6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रहीं।
जानकारों के मुताबिक पारे के इस आंकड़े ने पिछले डेढ़ दशक का रिकार्ड तोड़ दिया है। अनुमान लगाया जा रहा कि गर्मी के सर्वोच्च तापमान वाले मई और जून में यह आंकड़ा 50 तक पहुंच सकता है।
सोमवार को 44 पारे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त रखा। दोपहर होते ही सड़कों पर इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। राहगीर कपड़ों से चेहरा ढककर लू से बचाव करते रहे। चुनावी माहौल और गहमागहमी पर भी गर्मी आड़े आ रही है। चुनावी गतिविधियां सुबह-शाम ही हो पा रही हैं।
उधर, तपती सड़कों और गर्म हवाओं में दौड़ रहे वाहनों में आग लग रही है। सोमवार को बांदा-टांडा हाईवे पर छापर और महोखर गांवों के पास अलग-अलग घटनाओं में ट्रकों में आग लग गई। दोनों ही ट्रक जलकर राख हो गए। देर तक हाईवे पर आवागमन बंद रहा। उधर, तपिश बढ़ने से पानी की खपत बढ़ गई है। लेकिन भूजल स्तर, नदी, हैंडपंप आदि में डिस्चार्ज के आए भारी गिरावट से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही।
कृषि विश्वविद्यालय, बांदा में मौसम वैज्ञानिक डा. दिनेश साहा का कहना है कि तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के पीछे प्रकृति से लगातार की जा रही छेड़छाड़ है। कहा कि पेड़ों की कटान बड़े पैमाने पर हो रही है। नदियों का जल स्तर लगातार घट रहा है। उनकी धाराएं और प्रवाह लगातार प्रभावित किया जा रहा है। नदियों का पानी मानक और गुणवत्ता के मुताबिक रहे तो तापमान पर लगाम रहता है। नदी और बांधों आदि के पानी से नमी होती है। यह नदारद है।
डीएम हीरालाल ने दिन प्रतिदिन बढ़ते तापमान से आग की बढ़ती घटनाओं पर राजस्व विभाग के अधिकारियों और गांव स्तरीय कर्मियों को निर्देश दिए कि अपने तैनाती स्थल पर नियमित रूप से भ्रमण करें और वहां उपलब्ध रहें। आग की सूचना मिलते ही तत्काल फायर सर्विस और अफसरों को अवगत कराएं। डीएम ने कहा कि एसडीएम लेखपालों, सचिवों की बैठक कर निर्देश दें और कार्ययोजना तैयार करें। इससे डीएम को भी अवगत कराएं। इस काम में ढिलाई और लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
फिलहाल भीषण गर्मी के चलते नदियां सूखी और पानी के लाले पड़े हों, पर जून माह से शुरू होनी वाली बारिश के मद्देनजर प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को डीएम हीरा लाल ने कैंप कार्यालय में जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों की बैठक में उन्हें निर्देश दिया कि न्याय पंचायतों में बाढ़ समितियां गठित की जाएं। नावों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। गोताखोरों के नाम-पतों की सूची बना लें। जरूरत के मुताबिक बाढ़-चौकियों की संख्या बढ़ा लें। सिंचाई विभाग से कहा कि नहरों की सफाई, पटरियों का दुरुस्तीकरण के निर्देश दिए। पशु चिकित्सा, कृषि, आपूर्ति विभागों से भी अपनी तैयारियां पूरी करने को कहा।
महोबा। इस साल अप्रैल माह में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोमवार को तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचने से लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। पिछले पांच सालों में इस साल अप्रैल माह में सबसे ज्यादा गर्मी और तेज धूप पड़ने से जनजीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया।
गर्म हवाएं चलने और आग उगलती सूरज की किरणों ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया। पांच साल में पहली दफा अप्रैल माह में गर्मी ने 43 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड बनाया है जबकि इससे पहले अप्रैल माह में 39 से 42 डिग्री सेल्सियस तक ही तापमान रहता था। सोमवार को सुबह 9 बजे से ही बदन झुलसा देने वाली तेज धूप और लू के थपेड़ों ने लोगों को झकझोर कर रखा दिया है। कोचिंग पढ़ने व स्कूल जाने वाले छात्राएं सिर पर स्टाल बांधकर निकली।
तेज धूप निकलने से अप्रैल माह में ही तापमान तेवर दिखाने लगा है, जिससे घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री व न्यूनतम 20 डिग्री रहा, जबकि 15 अप्रैल 2018 को अधिकतम तापमान 41 व न्यूनतम 19 डिग्री तापमान रहा। दोपहर को तेज धूप निकलने से घरोें से निकलना मुश्किल हो जाता है। कृषि विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ. सीएम त्रिपाठी ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार अधिक तापमान है।
सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान एक डिग्री बढ़कर 42 डिग्री पहुंच गया। मंगलवार को भी पारा कम होने की संभावना नहीं है। सुबह 10 बजे से ही तेज धूप से लोग विचलित होने लगते हैं। सोमवार को तेज धूप व लू के चलते लोग पानी के पाउच व जूस की दुकानों में कोल्डड्रिंक पीते नजर आए। सुबह दस बजे के बाद सड़कों में सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर में घर से बाहर निकलने वाले लोग तौलिया व गमछा डालकर निकले। रविवार को भी जिले में पारा 42 डिग्री रहा।
अबकी अप्रैल माह से ही पड़ने वाली भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। दोपहर के 12 बजते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। सोमवार को भी अधिकतम तापमान 40.7 और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे बाजारों और चौराहों पर सन्नाटा ही रहा। बिजली की आवाजाही ने गर्मी को और बढ़ा दिया। मौसम विशेषज्ञ पुरुषोत्तम कुशवाह का कहना है कि धूल भरी आंधी चलने की संभावना है लेकिन उससे भी गर्मी से निजात नहीं मिलेगी। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका है।