बांदा। किशोर उम्र चचेरी बहन के साथ दुष्कर्म के दोषी को सोेमवार को अपर सत्र न्यायाधीश 10 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। जुर्माना अदा न होने पर एक वर्ष और जेल में रहना होगा।
एडीजीसी रामसुफल सिंह के मुताबिक, अतर्रा थाना क्षेत्र के गांव की महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 अगस्त 2016 को रिश्ते में उसका भतीजा 25 वर्षीय लखनलाल उसके घर आया और त्योहार के बहाने उसकी 13 वर्षीय पुत्री को लिवा ले गया। खुरहंड रेलवे स्टेशन रोड में लिए किराये के कमरे में उसे रोका। कमरे में उसकी पत्नी व बच्चे नहीं थे। रात को किशोरी से खाना बनवाया और दोनों ने खाया। रात में कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। डरा-धमकाकर शोर नहीं मचाने दिया। किशोरी तड़के उसके चंगुल से छूटकर घर आई और पूरी घटना बताई।
पुलिस ने 25 अगस्त को धारा 376 व पाक्सो एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कर 28 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। लैब से आई रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि हुई। एडीजीसी रामसुफल सिंह ने सात गवाह पेश किए। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने दोषी को 10 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक वर्ष और जेल में रहना होगा। अभियुक्त 4 वर्ष 5 माह जेल में रह चुका है। हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ था। जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित होगी।