महिला टीचर्स से लेकर प्रेरकों और शिक्षक संघ नेताओं के साथ अभद्रता पर उतारू जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के विरुद्ध उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोलते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया है।
नौ फरवरी को बांदा आ रहे बेसिक शिक्षा सचिव को ज्ञापन देकर बीएसए के रवैए से अवगत कराया जाएगा। पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो 18 फरवरी से शिक्षक संघ भूख हड़ताल करेगा।
मंगलवार प्राथमिक शिक्षक संघ की जनपदीय संयुक्त कार्य समिति की बैठक टीचर्स सोसाइटी भवन में हुई। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष आशुतोष त्रिपाठी ने की। समिति ने टीचर्स के प्रति बीएसए के अपनाए जा रहे नकारात्मक रवैए और अधिकारों के दुरुपयोग पर निंदा प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।
प्रस्ताव जिलाध्यक्ष ने रखा। उन्होंने कहा कि बीएसए 1972 की नियमावली की दुहाई देकर पिछले कई महीनों से पदोन्नति नहीं कर रहे। शीघ्र ही यह सूची डीएम को भेजी जाएगी। महिला-पुरुष टीचरों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। यह भी प्रस्ताव पारित किया कि 17 फरवरी तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो हठधर्मी बीएसए के खिलाफ 18 फरवरी से भूख हड़ताल और निर्णायक आंदोलन होगा।
बैठक में कामता प्रसाद मिश्र (तिंदवारी) और शिवरतन चौहान (बबेरू) तथा सुधर सिंह (बड़ोखर) को संरक्षक मंडल में शामिल करने का प्रस्ताव पारित हुआ। बैठक में सभी ब्लाक अध्यक्ष और मंत्री तथा कार्य समिति सदस्य सहित मइयादीन यादव, प्रजीत सिंह, चंद्रशेखर त्रिपाठी, श्यामनारायण शुक्ला, भुवनेंद्र यादव, केपी सिंह, अशोक अग्निहोत्री, श्यामलाल यादव, जयकिशोर दीक्षित, श्यामबाबू अवस्थी, जोगेंदर सिंह, राकेश सिंह, अवधेश तिवारी, राजेंद्र श्रीवास्तव, बैजनाथ शामिल रहे।
हरेक टीचर स्कूल को लेगा गोद
बांदा। सांसद, विधायक और अधिकारियों द्वारा गांवों को गोद लिए जाने की श्रृंखला में अब प्राथमिक शिक्षक संघ भी शामिल होगा। संघ की संयुक्त कार्यसमिति की बैठक में बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी और संघ प्रदेश अध्यक्ष लल्लन मिश्र के निर्देशों का हवाला देकर प्रस्ताव पारित किया गया कि कार्य समिति का हरेक सदस्य अपने विद्यालय को आदर्श बनाने के लिए गोद लेगा।