बांदा। बच्चों के यौन उत्पीड़न का आरोपी निलंबित जेई रामभवन सीबीआई टीम के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। जेल में हुई जांच में रामभवन संक्रमित पाया गया है। ऐसे में पिछले करीब एक पखवाड़े तक उसे अपने साथ रखने वाली सीबीआई टीम के सदस्यों के भी संक्रमित होने का अंदेशा है।
आरोपी रामभवन को वैसे तो नवंबर के शुरू में ही चित्रकूट जनपद से गिरफ्तार करने की खबर थी, लेकिन सीबीआई ने उसे अधिकृत रूप से उसकी गिरफ्तारी 16 नवंबर दर्शाई है। सीबीआई की इस गिरफ्तारी की तिथि के आधार पर भी एक हफ्ते से ज्यादा आरोपी रामभवन सीबीआई के कब्जे में रहा। उसे 16 को ही देर शाम यहां अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
तब से वह जेल में है। इस बीच वह 17 और 18 नवंबर को पेशी पर अदालत लाया गया। उसके बाद से वह जेल में ही है। आरोपी रामभवन को जेल पहुंचते ही कोविड-19 गाइडलाइन के अनुसार जेल में बनाई गई विशेष क्वारंटीन बैरक में रखा गया था। 20 नवंबर को जेल में उसका स्वॉब नमूना लेकर कोरोना जांच के लिए भेजा गया था।
23 नवंबर को स्वास्थ्य विभाग से जारी कोरोना संक्रमित/पॉजिटिव सूची में आरोपी बंदी रामभवन का भी नाम था। रिपोर्ट आते ही जेल अधिकारियों ने उसे क्वारंटीन बैरक से हटाकर उसे जेल के आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया है। प्रभारी जेल अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि 14 दिन तक उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। हर तीसरे दिन मेडिकल टीम नमूना लेकर उसकी जांच करेगी।
उधर, आरोपी रामभवन के संक्रमित पाए जाने के बाद उसे एक सप्ताह से भी ज्यादा समय तक अपने साथ लिए रही दिल्ली की सीबीआई टीम भी संक्रमित होने के खतरे के घेरे में आ गई है। सीबीआई सदस्यों की भी जल्द ही कोरोना जांच हो सकती है। जेल के प्रभारी अधीक्षक ने बताया कि सोमवार की रात रामभवन ने घबराहट की शिकायत की थी। जेल डाक्टर ने उसे दवा दी, अब वह स्वस्थ है।