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सीबीआई जेई की पत्नी को भी ले सकती है रिमांड पर

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बांदा। बच्चों के यौन उत्पीड़न केस में मुख्य आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन के बाद उसकी पत्नी दुर्गावती को भी सीबीआई द्वारा जेल भेज देने के बाद कुछ और इस चर्चित घटना में शामिल रहे लोग सीबीआई के घेरे में आ सकते हैं। सीबीआई की खोजबीन जारी है। उधर, जेल भेजी जा चुकी जेई की पत्नी को सीबीआई रिमांड कस्टडी पर भी ले सकती है।
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चार जनवरी को इस केस की यहां अदालत में सुनवाई निर्धारित है। पाक्सो एक्ट सहित धारा 377 आईपीसी और 120बी व 67 बीआईटी एक्ट में सीबीआई ने रामभवन पर रिपोर्ट दर्ज की थी। इन्हीं धाराओं में उसकी पत्नी को भी निरुद्ध किया गया है। पत्नी पर ये भी आरोप है कि वह इस केस के गवाहों को कथित तौर पर प्रभावित कर रही थी।
4 जनवरी को सीबीआई फिर यहां इस केस की सुनवाई कर रहे पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश/एडीजे पंचम मोहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष पेश होगी। उम्मीद है कि इस दिन आरोपी की पत्नी दुर्गावती को रिमांड कस्टडी में लेने के लिए अर्जी दाखिल कर सकती है। साथ ही केस डायरी भी न्यायाधीश के सामने पेश करेगी।
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यह भी संभावना है कि कुछ नए आरोपियों को भी सीबीआई अदालत में पेश कर सकती है। उधर, अभियोजन की ओर से अदालत में केस की पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता मनोज दीक्षित ने बताया कि सीबीआई की जांच अभी चल रही है।
लगभग सभी साक्ष्य मुहैया हो चुके हैं। उन्होंने इस केस के सीबीआई विवेचक से हुई बातचीत का हवाला देकर बताया कि फिलहाल इस केस का डाटा इंटरपोल को भेजने की कोई बात नहीं है।
सीबीआई विवेचक ने इनकार किया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि इंटरपोल में फरार अपराधियों के बारे में सूचना दी जाती है और आठ प्रकार के नोटिस दिए जाते हैं। इस मामले में ऐसा नहीं है। आरोपी और साक्ष्य उपलब्ध हैं।
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