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बरामद उपकरण और नगदी का सीबीआई ने दिया ब्योरा

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फोटो-1- जेई रामभवन- फाइल फोटो - फोटो : CHITRAKUTT
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बांदा। सीबीआई के उप अधीक्षक श्रीभगवान ने गुरुवार को यहां विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में दी अर्जी में बताया कि आरोपी रामभवन (जवाहर नगर, नरैनी, बांदा) को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया है। इसके पास 10 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, सेक्स ट्वायज (खिलौने), 6 मेमोरी कार्ड, 6 पेन ड्राइव, एक डिजिटल वीडियो रिकार्डिंग कैमरा और 8 लाख 27 हजार 650 रुपये बरामद हुए हैं।
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पेन ड्राइव में 34 वीडियो और 679 फोटोग्राफ मिले हैं। अप्राकृतिक संभोग संबंधी यह सामग्री विभिन्न जगहों पर भेजता था। सोशल मीडिया और वेबसाइट पर भी देता था। इसके लिए वह अलग-अलग आईडी इस्तेमाल करता था। यह भी बताया कि आरोपी रामभवन चित्रकूट और बांदा तथा आसपास क्षेत्रों में यह अपराध करता था। इस अनैतिक कार्य में उसके सहयोगी भी शामिल रहे हैं। इनके नाम आरोपी को मालूम हैं।
आरोपी ने रिमांड अर्जी पर दाखिल की आपत्ति
बांदा। सीबीआई द्वारा दी गई रिमांड अर्जी पर आरोपी जूनियर इंजीनियर रामभवन ने अपने अधिवक्ता के जरिये विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अदालत में दी गई आपत्ति में कहा कि सीबीआई द्वारा पांच दिन का रिमांड मांगना सरासर गलत है। सीबीआई ने रिमांड अर्जी में उससे बरामद सामग्री का जिक्र किया है। यह भी कहा कि उसे 21 अक्तूबर को घर से पकड़कर ले गई और कई शहरों में घुमाती रही।
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घटना के बारे में सारी जानकारी हासिल कर चुकी है। 15 दिन सीबीआई को पहले ही मिल चुके हैं। अब दोबारा कस्टडी रिमांड का कोई औचित्य नहीं बनता। यह भी कहा कि घटना से संबंधित कोई जानकारी उसे नहीं है। किसी पीड़ित ने मुकदमा नहीं कराया।
झूठी और फर्जी शिकायतों पर सीबीआई ने खुद मुकदमा कायम किया है। सीबीआई ने रिमांड अर्जी में यह नहीं स्पष्ट किया कि किस जानकारी के लिए उसे कस्टडी में ले रही है। आरोपी ने सीबीआई की कस्टडी रिमांड अर्जी खारिज करने का अनुरोध किया। गौरतलब है कि सीबीआई ने रामभवन पर धारा 377 आईपीसी, धारा 67 बीआईटी एक्ट और धारा 14 पॉक्सो एक्ट लगाया है।
अभियुक्त को वकील ने वीडियो पर देखा
बांदा। रिमांड अर्जी पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को आरोपी रामभवन के अधिवक्ता अनुराग सिंह पटेल ने न्यायाधीश मो. रिजवान अहमद से याचना की कि वे जेल में बंद अभियुक्त रामभवन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से एक नजर देखना चाहते हैं। न्यायाधीश ने इस शर्त पर अनुमति दी कि वह अभियुक्त को सिर्फ देखेंगे। उससे बात नहीं करेंगे। अधिवक्ता ने इसी के मुताबिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हाल जाकर अभियुक्त को देखा और वापस अदालत आ गए।
पुलिस और वकीलों का रहा जमघट
बांदा। गुरुवार को दूसरे दिन भी यौन शोषण के आरोपी जूनियर इंजीनियर की रिमांड अर्जी की सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अदालत के बाहर काफी गहमागहमी रही। वकीलों का भी जमघट रहा। पूरे परिसर में और खास कर अदालत के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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