बांदा। जुआ का गढ़ बनते जा रहे बांदा शहर में स्थानीय
पुलिस की कथित मिलीभगत पर डीआईजी ने कड़ा रुख अपनाया। पड़ोसी जनपद की
पुलिस टीम से छापा मरवाकर एक बड़े जुए का पर्दाफाश कराया।
डीआईजी
ने बांदा शहर कोतवाली प्रभारी जनमेजय सचान को तत्काल प्रभाव से कोतवाली से
हटाकर लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही मर्दननाका चौकी प्रभारी राकेश सरोज को
निलंबित कर दिया है।
शहर में जुए की जगह-जगह फड़ चल रही थीं। इसकी सूचनाएं भी पुलिस को लगातार दी जा रही थीं। लेकिन कोतवाली पुलिस चुप्पी साधे रही।
डीआईजी
ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि उन्हें भी काफी दिनों से शहर में जुए की
खबरें मिल रही थीं। इस बारे मेें उन्होेंने बांदा के पुलिस अधीक्षक सहित
क्षेत्राधिकारी आदि को लिखित जानकारी और कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
फिर
भी जुए में अंकुश नहीं लगा। दो-तीन दिन पूर्व उन्होंने शहर कोतवाली
प्रभारी को सीधे आदेश देकर जुआ पकड़ने को कहा था। फिर भी ऐसा नहीं किया
गया।
डीआईजी ने बताया कि मर्दननाका पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत
निम्नीपार चूना भट्ठी में जुए की खबर मिलने पर उन्होंने शनिवार को शाम
हमीरपुर की पुलिस टीम बांदा बुलवाई।
यहां की पुलिस को सूचना दिए
बगैर हमीरपुर टीम ने इस जुए की फड़ में छापा मारकर 11 जुआरियों को रंगेहाथ
पकड़ा। उनके पास से 42,800 रुपये, 8 बाइक और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
उधर,
नए शहर कोतवाल के बारे में अपर एसपी आशुतोष शुक्ल ने बताया कि फिलहाल
पुलिस अधीक्षक जनपद से बाहर हैं। उनके आने पर ही तैनाती होगी। तब तक
कोतवाली के एसएसआई काम देखेंगे।