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ग्राहकों को नहीं मिल रहा कैश

Fri, 16 Dec 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
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चेक दिखाता किसान। - फोटो : अमर उजाला
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बैंकों में खाताधारकों को कैश के स्थान पर मायूसी मिलने का सिलसिला जारी है। साथ ही खाताधारकों के साथ बैंक अधिकारियों और कर्मियों की बदसलूकी भी नहीं थम रही। बच्चों की दवा और गर्म कपड़े तथा खेत की जुताई के लिए किसान एक हफ्ते से रोज लौट रहा है। बृहस्पतिवार को किसी बैंककर्मी ने उसे यह कहकर चलता कर दिया कि ‘मोदी जी से मिलो’ ।
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नरैनी क्षेत्र के लहुरेहटा गांव का किसान शफकत हुसैन 9 दिसंबर से यहां स्टेट बैंक मुख्य शाखा से रोजाना भटक रहा है। उसके पास 24 हजार रुपये का चेक है। बताया कि पहले दिन प्रबंधक ने यह कहकर लौटा दिया कि कैश नहीं है। उसके बाद से रोजाना बैंक काउंटर पर उसे यही कहकर लौटाया जा रहा है,जबकि तमाम चहेतों को रोजाना कैश दिया जा रहा है।

किसान ने बताया कि उसे बच्चों के गर्म कपड़े लेना है। गेहूं बुआई के लिए खेत की जुताई को भाड़े पर ट्रैक्टर लेना है। घर के और भी खर्च हैं। बिन पैसे यह सब रुके पड़े हैं। किसान ने बताया कि बृहस्पतिवार को काउंटर पर अज्ञात बैंक कर्मी ने यह कहकर लौटा दिया कि- ज्यादा जरूरत है तो मोदी जी से मिलो।
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एक ओर जहां कालाधन सफेद करने बैंक आने वाले खाताधरकों और इसमें शामिल बैंक कर्मियों पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार और आरबीआई ने बैंकों में सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त रखने के आदेश दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ यहां स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में अधिकांश कैमरे खराब हैं।

शाखा प्रबंधक के कक्ष का कैमरा भी बंद पड़ा है। उनके पास आने-जाने वालों की रिकार्डिंग नहीं हो पा रही। बैंक में आठ सीसी कैमरे हैं। इनमें दो खराब हैं। इस बाबत बैंक प्रबंधक सिद्धेश श्रीवास्तव ने बताया कि किसी तकनीकी गड़बड़ी से दो दिन पहले ही कैमरे बंद हुए हैं। आज ही इन्हें दुरुस्त कराया जाएगा। गुरुवार को यहां 9 लाख जमा और साढ़े 18 लाख रुपये की निकासी हुई।a
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