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कैप्टन बद्री प्रसाद इंटर कॉलेज का स्थापना दिवस समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मन मोहा

Sun, 11 Jan 2015 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बबेरू में कैप्टन बद्री प्रसाद इंटर कॉलेज, मिलाथू के स्थापना दिवस समारोह मंे छात्र-छात्राओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबको मन मोह लिया। 
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कैप्टन बद्री प्रसाद की 109वीं जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। शुरुआत स्वतंत्रत सेनानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और सरस्वती प्रतिमा पर हवन-पूजन के साथ हुई। छात्रा कल्पना, नीलू, मालती, मंजू, मनीषा, अर्चना ने सरस्वती वंदना व स्वागत गीत गाया।

पूर्व प्रधानाचार्य व जिला पंचायत सदस्य जेपी सिंह ने कॉलेज की प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि कैप्टन बद्री प्रसाद की याद में 1965 में इसकी स्थापना हुई थी। कॉलेज को आगे बढ़ाने में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामसनेही भारतीय के योगदान को याद किया।
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सांसद भैरों प्रसाद मिश्र ने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने में स्वतंत्रता सेनानी रामसनेही भारतीय का नाम अग्रणी है। उन्होंने जगह-जगह प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल खुलवाए। कॉलेज के विकास में सांसद ने अपनी निधि से मदद का भरोसा दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा ने मिलाथू-पल्हरी-मुरवल संपर्क मार्ग के लिए जिला पंचायत से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सांवले प्रसाद आर्य, डॉ.एसएस भारतीय, अजय सिंह पटेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, कृष्ण कुमार भारतीय, रामपाल सिंह, प्रताप सिंह सचान, गजेंद्र सिंह पटेल, गोविंद पटेल, भइयालाल केदार वर्मा, राम सिंह, विवेकानंद गुप्ता, विशेश्वर प्रसाद, संजय सिंह, शत्रुघ्न सिंह, धेनुपाल, रामबली सिंह मौजूद रहे। 

कैप्टन बद्री प्रसाद को मिली थी बहादुर सेनानी की उपाधि
11 जनवरी 1906 को बबेरू तहसील क्षेत्र के पल्हरी में जन्मे बद्री प्रसाद को पंडित नेहरू ने कलकत्ता अधिवेशन मेें बहादुर सेनानी की उपाधि से नवाजा था। स्वतंत्रता के बाद वह जिले के पहले डिस्ट्रिक बोर्ड चेयरमैन बने। पिता हनुमान प्रसाद किसान थे।
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मिडिल परीक्षा उत्तीर्ण कर अध्यापक बने और 1921 में गांधी जी के आह्वान पर नौकरी छोड़ दी थी। कैप्टन बद्री प्रसाद उनके साथ कदम मिलाकर चलते रहे और गांव-गांव आंदोलन फैलाने का काम किया। 19 सितंबर 1948 को उनका निधन हुआ।
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