बांदा। सिर पर मंडरा रहे कोरोना के संभावित तीसरी लहर के खतरे से आशंकित लोगों को वैक्सीन लगा पाने में स्वास्थ्य विभाग फ्लाप साबित हो रहा है। फोन पर मैसेज भेजकर बुलाने के बाद लोगों को बैरंग लौटाया जा रहा है।
जिला अस्पताल में सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी भारी तादाद में लोग घंटों इंतजार के बाद बगैर टीकाकरण के लौट गए। उनमें रोष था। वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज के लिए अब बड़ी संख्या में लोग वैक्सीनेशन सेंटर पहुंच रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पर्याप्त वैक्सीन का इंतजाम नहीं कर पा रहा। पूर्व में जहां वैक्सीन बर्बाद हो रही थी, वहीं अब इसके लाले पड़े हुए हैं। लोगों को रोजाना अलग-अलग तिथियों में मोबाइल में मैसेज भेजकर टीकाकरण के लिए जिला अस्पताल बुलाया जा रहा है। सुबह से ही महिला और पुरुषों की यहां भीड़ लग रही है। इनमें तमाम वृद्ध भी हैं। कई-कई घंटे बैठाने के बाद अधिकांश को यह कहकर चलता कर दिया जाता है कि वैक्सीन खत्म हो गई है। कुछ ही लोगों का टीकाकरण हो पा रहा है। सोमवार को भी जिला अस्पताल में भारी भीड़ और अफरातफरी रही।
फोन पर मैसेज भेजकर 4 जुलाई को बुलाया था। 4 को इंतजार के बाद वैक्सीन नहीं कहकर लौटा दिया। आज 5 को फिर बुलाया गया। सुबह कार्ड जमा करा लिया गया। दोपहर बाद कार्ड वापस थमाकर वैक्सीन न होने की बात कहकर लौटा दिया गया।
-तारिक बाबू, मर्दननाका।
फोन पर मैसेज आया था, सुबह 10 बजे से बैठाए रहे। दोपहर बाद कह दिया गया कि वैक्सीन नहीं है। इसके पहले 24 जून को भी बुलाया गया था। तब यह कहकर लौटा दिया था कि तारीख आगे बढ़ गई है।
-हरी किशुन, कालूकुआं।
पहले कोई आ नहीं रहा था। अब लोग टूट पड़े हैं। जनता के साथ यही समस्या है कि या तो रैली में जाएंगे नहीं, जाएंगे तो रेलिंग तोड़कर जाएंगे। वैक्सीन की व्यवस्था की जा रही है। जनता सहयोग करे।
-डॉ. एनडी शर्मा, सीएमओ।