उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में रोडवेज बस में परिचालक की भर्ती परीक्षा में चित्रकूटधाम मंडल समेत पड़ोसी कई जनपदों के 5,751 बेरोजगारों ने किस्मत आजमाई। 2,365 अभ्यर्थियों ने मैदान छोड़ दिया। मंडल मुख्यालय में बांदा शहर के 13 स्कूल-कालेजों में परीक्षा कराई गई। अधीनस्थ चयन सेवा आयोग से आए अफसरों ने परीक्षा पर निगाह रखी।
बस परिचालक बनने के लिए झांसी, हमीरपुर, कर्वी, महोबा और उन्नाव तक से परीक्षार्थी शामिल हुए। नोडल अधिकारी बनाए गए अपर जिलाधिकारी डीएस पांडेय ने परीक्षा के लिए 6 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 13 स्टैटिक टीम गठित की थी। सुबह 10 से 12 बजे तक परीक्षा हुई।
114 महिला अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल रहीं और दो अनुपस्थित रहीं। परीक्षार्थियों की प्रवेश से पहले दो बार मुख्य गेट और कक्षाओं के बाहर तलाशी हुई। मोबाइल व पर्स आदि बाहर ही जमा करा लिए गए। मोबाइल गुम होने या बदल जाने पर जेएन डिग्री कॉलेज में परीक्षार्थियों में हो-हल्ला किया। लेकिन एसडीएम विनय पाठक व पुलिस फोर्स ने स्थिति संभाले रखी।
परीक्षा के बाद अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अधिकारियों गजराज सिंह, महेंद्रनारायण सिंह और हेमंत महाना की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में ओएमआर शीटें जमा हुईं। अपर जिलाधिकारी डीएस पांल्डेय ने बताया कि शीटों को रजिस्टर्ड डाक के जरिए आयोग को भेजा जा रहा है।
सर ! पेपर सरल था, बहुत अच्छा गया
दोपहर 12 बजे परीक्षा खत्म हुईं। परीक्षार्थियों के चेहरों पर मुस्कान थी। हमीरपुर के मुस्करा से परीक्षा देने आए अजय द्विवेदी ने बताया कि सभी वैकल्पिक प्रश्न थे। रोजमर्रा से जुड़े सवाल थे। दूसरे परीक्षार्थी संतोष कुशवाहा ने बताया कि कुल 75 वैकल्पिक प्रश्न पूछे गए थे। इनमें सामान्य ज्ञान से संबंधित 40 प्रश्न रहे। बाकी में कक्षा 6वीं से 8वीं तक के मैथ के सवाल और कुछ अंग्रेजी के प्रश्न पूछे गए। कुल मिलाकर बढ़िया पेपर हुआ।
लग्जरी वाहन वाले भी देने आए परीक्षा
रोडवेज बसों में कंडक्टर बनने के लिए संपन्न घरों के शिक्षित बेरोजगार भी परीक्षा देने पहुंचे। लिखित परीक्षा में महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट और उन्नाव आदि जनपदों से कई परीक्षार्थी लग्जरी वाहनों से परीक्षा देने आए। कंडक्टर के लिए महिलाओं का क्रेज काफी कम रहा। मात्र 1.37 फीसदी महिला अभ्यर्थी रहीं। इनकी संख्या सिर्फ 114 थी।