भूरागढ़ फीडर की सीटी सुधारते बिजली कर्मचारी।
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बांदा। त्योहारों के पूर्व फीडर और लाइनों आदि को दुरुस्त कर लेने के पावर कारपोरेशन के दावों की पोल खुल रही है। नवरात्र और मोहर्रम जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक त्योहारों मंडल मुख्यालय में रोजाना फाल्ट से बिजली गुल हो रही है। रविवार को भूरागढ़ फीडर में एक साथ दो सीटी बर्स्ट हो गईं। नवरात्र की अष्टमी और मोहर्रम की सातवीं के बीच करीब एक दर्जन मोहल्लों में सात घंटे बिजली गुल रही।
वाट्सएप पर रोजाना संदेश भेजकर शहर में बिजली का रामराज्य बताया जाता है। सभी फीडर नार्मल बताए जाते हैं। प्रशासन के बड़े अधिकारी घर बैठे ही संदेश के बदले संदेश में ‘गुड’ लिखकर अपनी सरकारी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं। सब स्टेशनों या फीडरों में प्रशासन तो दरकिनार पावर कारपोरेशन के बड़े अधिकारी भी झांकने नहीं जाते। जबकि मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कई-कई अधिशासी अभियंता यहां तैनात हैं। शासन उन्हें कई लाख रुपये प्रतिमाह वेतन दे रहा है। आपूर्ति दुरुस्त रखने या फाल्ट ठीक कराने के लिए सहायक अभियंता या अवर अभियंता ही मौके पर जाकर कर्मचारियों से काम लेते हैं। अक्सर फाल्टों पर तो सिर्फ लाइनमैन और पेट्रोलमैन या संविदा कर्मी ही जाकर दुरुस्त करते हैं। इन्हीं सब के चलते नवरात्र और मोहर्रम के महत्वपूर्ण त्योहारों पर भी उपभोक्ताओं को बिजली और पानी के लिए हलाकान होना पड़ रहा है।
रविवार को सुबह से ही मंदिरों और देवी पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। दूसरी तरफ मोहर्रम की सातवीं पर कई ताजियों के जुलूस उठ रहे थे। इसी दौरान करीब सात बजे सुबह भूरागढ़ फीडर धड़ाम हो गया। खुटला, खिन्नीनाका, मर्दननाका, छिपटहरी, क्योटरा, केन रोड इत्यादि मोहल्लों में बिजली गुल हो गई। यही समय जलापूर्ति का भी होता है। पानी भी बाधित हो गया। बताया गया कि भूरागढ़ सब स्टेशन की दो सीटी बर्स्ट हो गईं। अवर अभियंता कांता प्रसाद और विवेक कुमार सब स्टेशन पहुंच गए और सरोज, कमाल अहमद, करन व राजू आदि कर्मचारियों को सीटी सुधारने में लगाया। केबिल बाक्स भी हटानी पड़ी। कुछ देर के लिए उप खंड अधिकारी आशीष कुमार भी फीडर आकर हाजिरी दे गए। दो त्योहारों में दसियों हजार लोग बिन बिजली घरों में परेशान रहे। शाम करीब 3 बजे फाल्ट दुरुस्त होने पर बिजली आपूर्ति बहाल हुई। हालांकि कुछ ही देर बाद फिर कुछ देर के लिए बंद हो गई। अवर अभियंता कांता प्रसाद ने बताया कि सीटी बर्स्ट होने की वजह स्पष्ट नहीं हुई।