बांदा। होली का त्योहार खुशियों और उल्लास का प्रतीक है लेकिन इस दौरान सुरक्षा को लेकर बरती जाने वाली लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। विशेष रूप से, बिजली के तारों और ट्रांसफार्मर के आसपास होलिका दहन के दौरान अत्यंत सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने होलिका दहन स्थलों का निरीक्षण कर लोगों से अपील की है कि वे बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मर और खंभों से सुरक्षित दूरी बनाकर ही होली जलाएं।
बिजली विभाग के मुख्य अभियंता अरविंद नायर ने शहर में होलिका दहन स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर बिजली की लाइनों के नीचे होली की लकड़ियां रखी थीं, जिन्हें उन्होंने होलियारों को समझाकर हटवाया। इस दौरान कुछ नागरिकों ने बिजली कटौती की शिकायत की, जिस पर अभियंता ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि होलिका दहन के लिए हमेशा खुले स्थान का चयन करें, जो बिजली के खंभों और तारों से काफी दूर हो। ट्रांसफार्मर के पास होली जलाना अत्यंत खतरनाक हो सकता है। इससे उपकरण खराब होने के साथ-साथ गंभीर दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं।
गीले शरीर से बिजली के स्विच या उपकरणों को छूने से बचें, क्योंकि गीली त्वचा बिजली की अच्छी संवाहक होती है और करंट लगने का खतरा बढ़ जाता है। ट्रांसफार्मर, स्टे-वायर या बिजली के खंभों पर पानी या गीला रंग फेंकने से बचें।