बांदा। महानगरों की तर्ज पर बुंदेलखंड में भी मेमू ट्रेनें दौड़ाने की तैयारी है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो नए वर्ष में चित्रकूटधाम मंडल के ट्रैक पर मेमू ट्रेन दौड़ने लगेगी। इसका संचालन कानपुर रूट से होना है। काफी कार्य पूरा हो चुका है।
कानपुर में मेमू शेड का निर्माण तेजी से चल रहा है। रेलवे का दावा है कि सभी कार्य निर्धारित समय पर पूरे हुए हैं। जन सूचना अधिकार अधिनियम में उत्तर मध्य रेलवे के उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (माल) ने आरटीआई कार्यकर्ता कुलदीेप शुक्ला को मेमू ट्रेन से संबंधित ताजा स्थिति बताई है।
उन्हें बताया कि पिछले वर्ष 8 फरवरी से यह कार्य तेजी से चल रहा है। सभी बड़े शेड बन चुके हैं। प्रशासनिक भवन तैयार है। बड़ी मशीनों का आर्डर दिया जा चुका है, जो इस माह तक यह आ जाएंगी।
यह भी बताया गया है कि जनवरी 2021 तक सभी कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। हालांकि कोविड-19 के चलते काम तीन माह पिछड़ा है। अगले माह दिसंबर 2020 तक शेड पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
दोहरी लाइन के लिए ब्रिजों का काम पूरा
बांदा। झांसी से मानिकपुर और कानपुर रूट पर खैरार से भीमसेन तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण का लक्ष्य रेलवे बोर्ड ने 2024-25 तक निर्धारित किया है। उत्तर मध्य रेलवे के उप मुख्य परिचालन प्रबंधक एके सिंह ने आरटीआई एक्टीविस्ट कुलदीप शुक्ल को दी गई सूचना में बताया गया है कि बरुआ सागर-मानिकपुर और हरपालपुर-महोबा सेक्शन में छोटे और बड़े ब्रिज बनकर तैयार हो चुके हैं। मिट्टी का कार्य चल रहा है।
भीमसेन-खैराडा और महोबा-मानिकपुर सेक्शन में ईपीसी टेंडर किए गए हैं। साथ ही खैराडा-यमुना साउथ बैंक के बीच ब्रिज के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया है। यमुना साउथ बैंक, बेतवा और धसान नदियों के ब्रिज प्रमुख हैं। इनके काम की प्रगति अभी मात्र एक फीसदी है। इस प्रोजेक्ट में किसी भी स्टेशन के बीच दोहरीकरण का काम नहीं हुआ है।