बुंदेलखंड में शनिवार को एक बार फिर बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का कहर देखने को मिला। बांदा में कई स्थानों पर कहीं जोरदार तो कहीं हल्की बारिश हुई। चना से बड़े आकार के ओला गिरे। बांदा में ग्रामीण क्षेत्रों में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग ओलावृष्टि की चपेट में आकर घायल हो गए।
कई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई स्थानों पर पेड़ की डाले टूट गईं और टीन-टप्पर उड़ गए। बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। रबी फसल पूरी तरह से तबाह करने के बाद खेतोें में पड़ा बचा खुचा अनाज भी इस बारिश की भेंट चढ़ गया।
इसके अलावा आम और महुआ की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई अब इस मौसम में नहीं हो सकती। फरवरी व मार्च में हुई जबरदस्त बारिश और ओलों से तबाह हुए किसान शनिवार की शाम फिर जबरदस्त आंधी और बारिश के साथ गिरे ओलों से बर्बादी की इंतहां तक पहुंच गए।
बांदा में शाम करीब 5 बजे मौसम ने अचनाक पलटी मारी और तेज आंधी के बीच घने बादल आ गए। शहर में कुछ मिनट तेज बूंदे और ओले गिरे। ग्रामीण इलाकों में बारिश और ओला ने ज्यादा देर तक कहर ढाया। बिसंडा क्षेत्र में बारिश के साथ बड़े ओले गिरे।
यहां खलिहान में काम कर रही सुखरनिया (45) पत्नी राममनोहर (बिसंडा) पेड़ गिर जाने से दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई। नजदीक में बंधी गाय की मौत हो गई। अतर्रा क्षेत्र के ग्राम तेंदुरा में ओलों से लक्ष्मनिया (60), गुंजन रैकवार (55), धीरेंद्र (25), गीता (40), पंकज (8) घायल हो गए।
यह सब खेत और खलिहान में काम कर रहे थे। नरैनी, बबेरू और पैलानी क्षेत्र में तेज आंधी व बारिश और ओलों से जन-जीवन प्रभावित रहा। उधर, ओरन क्षेत्र के नांदनमऊ गांव में कई लोगोें के ओलों से जख्मी होने की खबर है। तेंदुरा गांव के मजरा शंकर पुरवा में रामदयाल, बच्ची यादव, शिवधनी और 10 वर्षीय निराशा और 8 वर्षीय विश्वेश्वर घायल हो गए।
ग्रामीणों ने एसडीएम और 108 एंबुलेंस को सूचना देकर घायलों को अस्पताल भेजा। उधर, खेत-खलिहानों में रखी बची-खुची फसल भी तेज अंधड़ में दूर-दूर तक उड़ गई। शादी-ब्याह के लिए सजाए गए पंडाल और बारातियों के स्वागत के लिए की गई व्यवस्थाओं पर आंधी ने पानी फेर दिया।
यहां जगमोहन व मलखान के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। बांदा शहर के कई इलाकों समेत दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। केन नदी के उस पार एचटी लाइन में पेड़ गिर जाने से भूरागढ़ फीडर ठप हो गया। इससे जुड़े शहर के आधा दर्जन मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। यह देर रात तक चालू नहीं हो पाई।
गूलरनाका में घनी आबादी के बीच बन रहे मॉल के चौथे तल की 50 फिट दीवार तेज आंधी में धराशाई हो गईं। कई मकान व दुकान चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। तमाम राहगीर बाल-बाल बच गए। निर्माण बंद होने के कारण कोई मजदूर चपेट में नहीं आया।