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बुंदेलखंड में दलहन-तिलहन की अपार संभावनाएं

Sun, 08 Nov 2015 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा। कृषि विज्ञान केंद्र के तत्वाधान में कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित प्रथम पंक्ति प्रशिक्षण में दलहन व तिलहन को बढ़ावा देने के लिए अधिक उत्पादन की प्रजातियां बताईं गईं। किसानों को बीज वितरित किया गया।
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शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण में विश्वविद्यालय कुलपति डा.एसएल गोस्वामी ने कहा कि बुंदेलखंड में दलहन और तिलहन समेत अन्य कृषि उत्पाद बढ़ाने की संभावनाएं हैं।

प्रसार निदेशक डा.एनके वाजपेयी ने कहा कि भारत सरकार ने इस वर्ष दलहन व तिलहन की मांग और पूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रथम पंक्ति प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली नई किस्मों के बीज उपलब्ध कराए जाना है।
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कृषि  विज्ञान केंद्र प्रभारी डा.वीके शर्मा ने बताया कि मटर की उन्नति किस्म केपीएमआर-400 का 9 गांवों के 93 किसानों के यहां प्रदर्शन लगाया गया है। इसी तरह चना की जाकी-9218 प्रजाति के 11 गांवों में 162 प्रदर्शन लगाए गए हैं।

विश्वविद्यालय कृषि प्रसार वैज्ञानिक डा.बीके गुप्ता ने कहा कि कृषि तकनीकी हस्तांतरण समय से पूरा किया गया तो बुंदेलखंड परिक्षेत्र मे उत्पादन बढ़ना सुनिश्चित है। विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक डा. पृथ्वीपाल ने बीज रखरखाव और बागवानी की जानकारी दी। किसानों को बीज भी बांटे गए।
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