बांदा। प्रदेश में कोविड-19 का संक्रमण लगभग एक लाख तक पहुंच जाने के बाद संभवत: पहली बार प्रदेश सरकार ने राज्य वित्त आयोग से कोरोना संक्रमण के लिए बजट/मदद जारी की है। प्रदेश के सभी जिलों को 299 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें बुंदेलखंड का हिस्सा 21 करोड़ है।
सातों जिलों को 3-3 करोड़ रुपये मिले हैं। बुंदेलखंड में अब तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 4530 हो चुकी है। इसमें झांसी सबसे अव्वल है। 101 मौतें भी हो चुकी हैं।
शासन के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के शासनादेश में प्रदेश के कोरोना प्रभावित सभी जिलों को ए और बी ग्रुप में बांटा है। ए-ग्रुप में 37 और बी ग्रुप में 38 जिले हैं। ए ग्रुप में शामिल प्रत्येक जिले को पांच करोड़ और बी-ग्रुप के जिले को तीन करोड़ आवंटित हुए हैं। बुंदेलखंड के सभी सातों जिले बी ग्रुप में हैं। यानी बुंदेलखंड के जिलों को 21 करोड़ रुपया मिला है।
कोरोना संक्रमण काल में राज्य वित्त आयोग ने शायद पहली बार यह बजट दिया है। शासन ने इस बजट को खर्च करने की गाइड लाइन भी जारी की है। निर्धारित मदों पर ही इसे खर्च किया जा सकेगा। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 50-50 फीसदी धनराशि खर्च होगी। जिलों में गठित जिला स्वास्थ्य समिति यह बजट करेगी।
इन मदों पर खर्च होगा राज्य वित्त आयोग का बजट
बांदा। राज्य वित्त आयोग से स्वीकृत 21 करोड़ रुपये निर्धारित मदों पर ही खर्च होंगे। हरेक जिले को मिले 3 करोड़ रुपये में 10 किराए के वाहन लिए जाएंगे। साथ ही सैंपलिंग, सर्विलांस पर खर्च होगा। संविदा पर चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ, स्वीपर आदि रखे जाएंगे। टीमें गठित कर सैंपलिंग व्यवस्था और बढ़ाई जाएगी।
शासनादेश नहीं, जानकारी मिली है
सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि राज्य वित्त आयोग से जारी जिलेवार बजट का शासनादेश फिलहाल हमें नहीं मिला है, लेकिन इसकी जानकारी प्राप्त हुई है। जिला स्वास्थ्य समिति के पदेन अध्यक्ष डीएम और पदेन सचिव सीएमओ हैं। बजट आते ही गाइड लाइन के मुताबिक काम शुरू कर दिया जाएगा।