बदौसा रेलवे स्टेशन से गुजर रही बुंदेलखंड एक्सप्रेस रविवार को हादसे का शिकार होते बच गई। चालक और गार्ड की लापरवाही से गाड़ी बदौसा स्टेशन में सिग्नल को नजरंदाज कर आगे निकल गई। गलती का एहसास होते ही चालक ने इमर्जेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी।
सूचना पर रेल अफसरों में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ मंडलीय मैकेनिकल यांत्रिक अभियंता (झांसी) ने लापरवाही पर चालक, सहचालक व गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उधर, लगभग तीन घंटे तक ट्रेन रुकने से यात्रियों ने हंगामा किया। स्टेशन प्रबंधक से धक्कामुक्की की। बांदा से स्टाफ पहुंचा तब जाकर ट्रेन बनारस के लिए रवाना की गई।
रविवार तड़के चार बजे बदौसा रेलवे स्टेशन से मानिकपुर के लिए मालगाड़ी रवाना हुई। 4:11 बजे ग्वालियर से चलकर बनारस जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस (11107 डाउन) बदौसा पहुंच गई। यहां गाड़ी के ठहराव के लिए सिग्नल रेड कर दिया गया।
इसके बावजूद ट्रेन की इंजन सहित तीन बोगियां सिग्नल पार कर गईं। बाद में चालक ने इमर्जेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। रेड सिग्नल की अनदेखी और अचानक ट्रेन रोकने से बदौसा स्टेशन में हड़कंप मच गया। स्टेशन प्रबंधक परवेज मुशर्रफ सहित रेलवे कर्मचारियों ने इसकी सूचना बांदा रेल अधिकारियों को दी।
लापरवाही के आरोप में ड्राइवर रफीक शेख, सहायक चालक अवधेश प्रजापति व गार्ड राजकुमार तिवारी को रेल अफसरों ने किट सहित स्टेशन पर ही उतार लिया। बाद में बांदा से महाकौशल एक्सप्रेस में स्टाफ पहुंचा। लगभग तीन घंटे बाद ट्रेन बनारस के लिए रवाना हुई।
स्टेशन प्रबंधक की शिकायत पर वरिष्ठ मंडलीय मैकेनिकल यांत्रिकी अभियंता (झांसी) विक्रमजीत सिंह ने लापरवाही के आरोप में दोनों चालकों व गार्ड को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
बांदा के यातायात निरीक्षक (टीआई) पीके सिंह, लोको इंसपेक्टर सुनील कुमार, रेलवे डॉक्टर राहुल उपाध्याय ने तीनों का मेडिकल परीक्षण किया और जांच रिपोर्ट डीआरएम कार्यालय भेज दी। उधर, ट्रेन खड़ी रहने से गुस्साए यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
स्टेशन में प्रबंधक परवेज मुशर्रफ से धक्कामुक्की भी की। आईएएस प्री-परीक्षा देने इलाहाबाद जा रहे शिवम दुबे, उदयभान, राजीव पटेल, महेंद्र, अंकित गुप्ता आदि अभ्यर्थियों का कहना था कि रेलवे की लापरवाही से उनकी परीक्षा छूट गई। काफी देर तक हंगामे के बाद यात्री शांत हुए।
महाकौशल एक्सप्रेस से पहुंचा दूसरा स्टाफ
बांदा से भेजी गई महाकौशल एक्सप्रेस के चालकों व गार्ड ने भी बुंदेलखंड एक्सप्रेस के स्टाफ जैसी गलती दोहरा दी। इन्हें भी स्टेशन में ट्रेन रोकने का सिग्नल दिया गया, इसके बावजूद ट्रेन नहीं रुकी और सिग्नल पार कर गई। इस मामले की जांच भी शुरू हो गई।