बांदा। शहर के महाराणा प्रताप चौराहा की तर्ज पर कालूकुआं चौराहा का भी सुंदरीकरण कराया जाना है, लेकिन इस चौराहा के आसपास कुछ लोगों ने घर व दुकान आदि के सामने निर्माण कर अतिक्रमण कर रखा है। इसके चलते गुरुवार को जिला प्रशासन ने अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाकर सफाई कराई।
कालूकुआं चौराहा के सुंदरीकरण के लिए गुरुवार को पुलिस चौकी के दोनों ओर बुलडोजर चला। अफसरों ने बुलडोजर से अवैध निर्माण गिरवा दिया। दोपहर करीब 12 बजे से एसडीएम सत्य प्रकाश और सिटी मजिस्ट्रेट रोजश कुमार व पालिका अफसर कर्मियों और पुलिस फोर्स के साथ दो बुलडोजर लेकर पहुंचे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पहले ही सभी को नोटिस भेजकर अवैध निर्माण खुद ही हटाने का निर्देश दिया था। कुछ लोगों ने हटा लिया था। लेकिन जिन लोगों ने अवैध निर्माण नहीं हटाया था। वहां पर अवैध निर्माण बुलडोजर से गिरवाया गया।
बता दें कि दो बुलडोजर से कालूकुआंं चौराहा से तिंदवारी रोड और डिग्री कॉलेज रोड पर करीब 50-50 मीटर तक दोनों तरफ का अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान करीब पांच से छह घरों के आगे सफाई की गई। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के अवैध निर्माण को छोड़ दिया गया। इसको लेकर जिनके यहां कार्रवाई हुई थी।
वह दबी जुबान कार्रवाई में भेदभाव किये जाने का अफसरों पर आरोप लगाते रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि नियमानुसार ही कार्रवाई की जा रही है। आरोप निराधार हैं। कार्रवाई के दौरान संजीव कुमार, महिला थाना थानाप्रभारी, लेखपाल के अलावा कालूकुआं चौकी पुलिस, अलीगंज और सिविल लाइंस चौकी प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस फोर्स रहा।
क्षत्रिय महासभा के सदस्य पतराखन सिंह ने आयुक्त और डीएम को प्रार्थना-पत्र दिया है। इसमें बताया कि 27 जून को कालूकुआं मोहल्लावासियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थना-पत्र सौंपा था। इसमें बताया था कि पुराने स्थल को चौराहा मानकर समान रूप से अवैध निर्माण हटवाया जाए। वे लोग सुंदरीकरण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई में पक्षपात न किया जाए।