लखनऊ में मोहम्मद इदरीस को कांग्रेस की सदस्यता दिलाते प्रदेश उपाध्यक्ष मदन मोहन शुक्ला व अन्य कांग्रेस नेता।
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बांदा (ब्यूरो)। बसपा के पूर्व मंडल कोआर्डिनेटर व पूर्व जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद इदरीस आधा सैकड़ा समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए। प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने सदस्यता ग्रहण कराई। हालांकि इदरीस ने कांग्रेस से ही राजनीति शुरू की थी। सोमवार को सुबह लखनऊ में कांग्रेस उपाध्यक्ष मदन मोहन शुक्ला ने मोहम्मद इदरीस को साथियों के साथ कांग्रेस की सदस्यता दिलाकर संगठन को मजबूत बनाने को कहा। इस दौरान बसपा के पूर्व विधानसभा सचिव विनय सिंह उर्फ शानू, रिटायर्ड चिकित्साधिकारी डॉ. अब्दुल अजीज, प्राचार्य ऋतुराज सिंह, छात्र नेता गौरव सिंह चंदेल आदि भी कांग्रेस में शामिल हुए।
मोहम्मद इदरीस ने कांग्रेस पूर्व विधायक विवेक कुमार सिंह व दलजीत सिंह और पूर्व मंत्री बादशाह सिंह आदि नेताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर से मुलाकात के बाद कांग्रेस में वापसी की। इस दौरान जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला, शहर अध्यक्ष राजबहादुर गुप्ता, पूर्व विधायक गयादीन अनुरागी, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सीमा खान भी मौजूद रहीं। मोहम्मद इदरीस बसपा से पहले कांग्रेस में नगर अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, कार्यसमिति सदस्य आदि पदों पर रहे। उन्होंने 1977 में कांग्रेस की सदस्यता ली थी। वर्ष 1985 से 1990 तक केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री हरीकृष्ण शास्त्री के प्रतिनिधि रहे। 1995 से 2000 तक जिला पंचायत सदस्य रहे। उनके कांग्रेस में पुन: शामिल होने पर पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद व शिरोमणि, प्रदेश संगठन मंत्री साकेत बिहारी मिश्र, प्रद्युम्न दुबे ‘लालू’, मोहम्मद उमर दुर्रानी आदि ने खुशी जाहिर की है।
बाहर कराने वाले नेता ही वापसी के ‘सारथी’ बने
बांदा (ब्यूरो)। वर्ष 2012 के नगर पालिका चुनाव में मोहम्मद इदरीस द्वारा पत्नी को निर्दलीय मैदान में उतारने से कांग्रेस नेता नाराज हो गए थे। कुछ नेताओं की शिकायत पर प्रदेश हाईकमान ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। जिन नेताओं ने मोहम्मद इदरीस को कांग्रेस से निष्कासित कराया अब वहीं उन्हें पार्टी में वापस लाने के ‘सारथी’ बने। पूर्व विधायक विवेक कुमार सिंह ने हाल ही में कांग्रेस की बैठक में बाहर से प्रत्याशी आयात की बात की थी। इधर, इदरीस के कांग्रेस नेताओं के संपर्क में आने से उनकी वापसी की चर्चाएं गर्मा भी गई थीं।