जल निगम अधिशासी अभियंता केशव लाल की आत्महत्या के मामले में बसपा ने इसमें गहरी साजिश बताते हुए मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग राज्यपाल से की है।
बृहस्पतिवार को बसपा नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा तथा पूर्व मंत्री बाबूलाल कुशवाहा के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट केएस पांडेय को सौंपा।
इसमें कहा गया है कि अधिशासी अभियंता की मृत्यु के पूर्व घटित घटनाओं की परिस्थितियों और अभियंता के भाई द्वारा जताई गई आशंकाओं को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि इस मामले में राजनेता, सत्ता पक्ष के प्रभावशाली ठेकेदार और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की साजिश है।
आत्महत्या के पूर्व अधिशासी अभियंता का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न तथा सार्वजनिक अपमान किया गया। भ्रष्टाचार छिपाने को ऐसे लोगों ने एक ईमानदार अधिकारी को इतनी मानसिक प्रताड़ना दी कि वह खुदकुशी को मजबूर हो गया। बसपा नेताओं ने आरोप लगाया कि न सिर्फ बांदा बल्कि पूरे प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
आम जनता और अफसरों में भय व्याप्त है। ज्ञापन देने वालों में बसपा कोआर्डिनेटर बीएम कुशवाहा, पूर्व डीडीसी मोहम्मद इदरीस, मोहम्मद यार खां, डीडी पंडा, डा.हरिराम कबीर, रंजीत सिंह, मूलचंद्र यादव, दिनेश कुमार, हुसैन खां, नवरतन कुशवाहा, जयराम सिंह, ज्ञानचंद्र प्रजापति, कौशलेंद्र साहू, अशोक वर्मा, रज्जन मंसूरी, कमलेश कुमार सेन आदि शामिल रहे।