बुंदेलखंड के चित्रकूटधाम मंडल में शनिवार को सूरज नेे जमकर सितम ढाया। तपिश और लू ने पिछले 12 वर्षों का रिकार्ड तोड़ दिया। दिन भर लू के थपेड़ों और जिस्म झुलसा देने वाली धूप के बीच अधिकतम पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
यह सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक है। पारे के इस पैमाने ने मई माह में वर्ष 2003 के बाद ये तेवर दिखाए हैं। रात को न्यूनतम पारा भी 30.5 डिग्री पर तपा रहा है। यह भी कई वर्षों का रिकार्ड है। नौतपा के अभी 11 दिन बाकी हैं। इससे पहले ही गर्मी अपने रौद्र रूप में आ गई है।
इंसान और पशु-पक्षी सभी बेहाल हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक-दो दिन मे बादल या बारिश के आसार बन सकते हैं। लेकिन उसके बाद भी गर्मी तेवर दिखाएगी। शनिवार को सुबह सूर्योदय के चंद घंटों बाद ही दिन तपने लगा। सुबह 9 बजे के बाद तपिश और लू असहनीय हो गई।
सड़कों पर निकलना दूभर हो गया। करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली गर्म पुरवा हवा ने और सितम ढाया। दोपहर में सड़कों व बाजारों में सन्नाटा छा गया। दोपहर एक बजे पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। भीषण गर्मी के कारण ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहे।
जिन्हें निकलना मजबूरी थी, वे लू और धूप से बचने के जतन सड़कों पर भी करते रहे। कुछ लोग रास्ते में अपने ऊपर ठंडा पानी डालते देखे गए। अंधाधुंध कटौती और फाल्टों के कारण बिजली बंद रहने से लोग घरों में कूलर, एसी या पंखे भी नहीं चला सके। उधर, रात में भी राहत नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं गिरा।