प्रशिक्षित बीपीएड संघर्ष मोर्चा ने बाइक जुलूस निकालकर सभी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा अनिवार्य विषय के रूप में लागू करने की मांग दोहराई। इस बाबत प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया। इसमें रोजगार न मिलने पर सामूहिक आत्महत्या की चेतावनी दी गई है।
शनिवार को बड़ी संख्या में बाइक सवार बीपीएड बेरोजगार जुलूस की शक्ल में कचहरी पहुंचे। नारे लगाते हुए व्यायाम शिक्षक के रूप में नियुक्ति की मांग की। प्रधानमंत्री को संबोधित सिटी मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि एक तरफ पूरा देश विश्व योग दिवस मना रहा है वहीं बीपीएड डिग्रीधारक व्यायाम शिक्षक नौकरी के लिए भटक रहे हैं।
बीपीएड प्रशिक्षण में सभी खेलकूदों के साथ योग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। इसके बावजूद एनसीटीई की गाइड लाइन में बीपीएड डिग्रीधारकों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है। नतीजे में उत्तर प्रदेश में 90 हजार और पूरे देश में चार लाख से ज्यादा बीपीएड डिग्रीधारक बेरोजगार हैं।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र व प्रदेश सरकार ने उनके रोजगार की व्यवस्था न की तो सामूहिक आत्महत्या के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में राजकिशोर गुप्ता, राकेश चक्रवर्ती, अनुराग यादव, उमाकांत, राजेंद्र, जयप्रकाश आदि हैं।