बांदा। फसल से घर का खर्च न चल पाने पर प्राइवेट ट्यूशन से परिवार पाल रहे किसान ने घरेलू परिस्थितियों से तंग आकर फांसी लगा ली। घरवालों के मुताबिक उस पर बैंक का एक लाख रुपये कर्ज भी था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
मटौंध थाना क्षेत्र के चांदन थोक में छोटेलाल (45) पुत्र वृंदावन ने शनिवार को घर के कमरे में सीलिंग फैन हुक में पत्नी की साड़ी बांधकर फांसी पर झूल गया। परिजनों ने देखा तो फंदे से उतारकर जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी।
भाई प्रदीप कुमार ने बताया कि 30 बीघा जमीन है, लेकिन सिंचाई की पर्याप्त सुविधा न होने से फसल अच्छी नहीं हो पाती। बताया कि छोटेलाल घर का खर्च चलाने के लिए प्राइवेट ट्यूशन भी करता था। उसकी दो बेटियां स्वेच्छा (19) वर्ष और इच्छा (10) वर्ष हैं। स्वेच्छा की शादी की भी छोटेलाल को चिंता थी।
भाई प्रदीप के मुताबिक छोटेलाल ने इलाहाबाद बैंक की स्थानीय ब्रांच से करीब एक वर्ष पूर्व दो लाख रुपये किसान क्रे डिट कार्ड से कर्ज लिया था। पत्नी मनीषा ने बताया कि कर्ज की रकम बढ़कर अब काफी ज्यादा हो गई है। इसकी अदायगी को लेकर भी पति छोटेलाल चिंतित थे।
पत्नी और भाई ने बताया कि छोटेलाल शुक्रवार की शाम खेत में गया था। कुछ फसल को मवेशियों ने नष्ट कर दिया था। यह देखकर उसे सदमा हुआ। घर आकर इसकी चर्चा भी की। सुबह शव फांसी पर लटका मिला। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।