बांदा। करीब 9 महीने से हरियाणा के हिसार जिले में ईंट-भट्ठे पर बंधुवा मजदूर बनाकर रखे गए बांदा के पांच मजदूरों को बंधुवा मुक्ति मोर्चा के प्रयासों से रिहा करा लिया गया है। इनमें एक किशोर और एक मासूम बच्चा भी शामिल है। रिहा मजदूर हिसार से नई दिल्ली स्थित बंधुवा मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश ने बुधवार को बांदा के लिए रवाना किया।
बिसंडा थाना क्षेत्र के कैरी गांव के मजदूर ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए नवंबर 2018 में हिसार ले गए थे। इन मजदूरों में 40 वर्षीय जुगला पुत्र किशोरी, उसकी 38 वर्षीय पत्नी चुनुबादी, 11 वर्षीय पुत्र सोनू, 35 वर्षीय अनिल पुत्र किशोरा तथा उसकी 32 वर्षीय पत्नी मंटोरिया तथा 3 वर्षीय पुत्र बुद्धविलास शामिल हैं। मजदूरों के मुताबिक कमासिन थाना क्षेत्र के चकरेही के एक व्यक्ति ने जुगला को 20 हजार रुपये और अनिल को 9600 रुपये देकर 565 रुपये प्रति हजार ईंट की पथाई मजदूरी तय कर नवंबर 2018 में वाहन से हिसार ले गया था।
हिसार में इन मजदूरों को एक गांव के भट्ठे पर रखा गया। यहां न बिजली थी और न शौचालय की व्यवस्था। पीने का साफ पानी भी नहीं था। कुछ महीनों बाद एडवांस रकम के बराबर मजदूरी हो जाने पर मजदूरों ने हिसाब कर घर आने की इच्छा जताई तो भट्ठा मालिकों ने मना कर दिया। उनसे जबरन काम लेते रहे। मजदूरों ने बताया कि 11 वर्ष का सोनू भी मजदूरी करता रहा। उसे मजदूरी भी नहीं मिली।
24 जुलाई को मजदूरों ने जुगत भिड़ाकर बंधुवा मुक्ति मोर्चा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष दल सिंगार से संपर्क किया और फोन पर अपनी हालत बताई। मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष ने तत्काल हिसार के जिला उपायुक्त को पत्र भेजकर बंधुवा मजदूरी प्रथा उन्मूलन अधिनियम सहित कई अन्य कानूनों का हवाला देकर मजदूरों की रिहाई को कहा।
इस पर वहां के तहसीलदार प्रताप सिंह, श्रम अधिकारी राजेंद्र पुलिस के साथ खरबला सिसर गांव स्थित भट्ठे पहुंच गए। मजदूरों के मुताबिक इन अधिकारियों का झुकाव भट्ठा मालिक की तरफ ही रहा। जुगला को 10 हजार और अनिल को 15 हजार रुपये देकर जबरन अंगूठा लगवा लिया और ट्रक में बैठाकर भिवानी रेलवे स्टेशन छुड़वा दिया।
प्रशासन ने भट्ठा मालिक पर कोई कार्रवाई नहीं की। मजदूर दो दिन पूर्व नई दिल्ली स्थित बंधुवा मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यालय पहुंचे। राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश से मुलाकात की। बुंदेलखंड आजाद सेना के केंद्रीय अध्यक्ष प्रमोद आजाद ने बताया कि मजदूरों को बुधवार को दिल्ली से बांदा रवाना कर दिया गया है।