पांच माह पूर्व ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने गए लगभग आधा सैकड़ा महिला-पुरुष मजदूरों को इलाहाबाद के भट्ठा मालिक ने बंधक बना रखा है। शनिवार को रात मजदूरों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद कुछ मजदूर निकल भागे और यहां आकर फैक्स के जरिए इलाहाबाद के पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है।
शहर के खुटला मोहल्ला निवासी मौजीलाल खटिक, बृजमोहन खटिक और कटरा कालिंजर निवासी श्रीकेश खटिक ने इलाहाबाद पुलिस को भेजे शिकायती पत्र की कॉपी दिखाते हुए बताया कि पिछले वर्ष नवंबर माह में यहां से कई परिवार इलाहाबाद जनपद के इरादतगंज थानांतर्गत घूरपुर गांव स्थित भट्ठा में ईंट की ढुलाई करने गए थे।
200 रुपये प्रति हजार कच्ची ईंट की ढुलाई अपने खच्चरों से करने की मजदूरी तय हुई थी। रोजाना 60 से 90 हजार कच्ची ईंट ढोते रहे। प्रतिदिन लगभग 2000 रुपये की मजदूरी होती रही, लेकिन भट्ठा मालिक हफ्ते में सिर्फ खाना खर्च को कुछ रुपये देकर टाल देता रहा।
पैसा मांगने पर भट्ठा मालिक और उसके गुर्गों ने महिला-पुरुष मजदूरों और उनके बच्चों को पीटा। कुछ लोग कई माह पहले ही भागकर बांदा आ गए। दो दर्जन से ज्यादा मजदूर और लगभग आधा सैकड़ा खच्चर अभी भी वहीं हैं। तीन खच्चराें की मौत हो चुकी है। लगभग 10 लाख रुपये मजदूरी बकाया है।
मजदूरों ने बताया कि पिछले माह इलाहाबाद के अफसरों से शिकायत करने पर नाराज भट्ठा मालिक और उनके गुर्गों ने शनिवार (2 मई) की रात करीब 8 बजे असलहों से लैस होकर मजदूरों को पीटा। इसके बाद कई लोग वहां से भाग निकले। अभी भी करवरिया, हुल्ला और श्रीकेश मजदूर के परिवारों की 50-60 महिला व बच्चे भट्ठे में बंधक हैं।
मुझसे किसी मजदूर ने ऐसी शिकायत नहीं की है। फिर भी वह इलाहाबाद पुलिस से संपर्क करेंगे।
- राकेश शंकर, पुलिस अधीक्षक, बांदा