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मंडल में बीमार हैं स्वास्थ्य सेवाएं

Tue, 23 Feb 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बांदा
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की सेहत खराब है। मरीजों की तादाद दिन-ब-दिन बढ़ रही है, किंतु स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने की बजाय बदहाल होती जा रही हैं।
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मंडल की 47,71,383 से ज्यादा आबादी पर गिने-चुने सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां न तो पर्याप्त डाक्टर हैं और न ही दवाएं।

मानक के मुताबिक मंडल में 48 सीएचसी होने चाहिए, लेकिन हैं सिर्फ 19। यानी एक सीएचसी पर औसतन लगभग 2,51,125 लोगों के इलाज का भार है।

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का मानक है कि एक लाख की आबादी पर सीएचसी और 30 हजार की आबादी पर पीएचसी हो, लेकिन चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में यह मानक पूरा नहीं हो रहा।

सबसे ज्यादा खराब स्थित बांदा जनपद की है। यहां की कुल आबादी 17,99,410 है। मानक के मुताबिक जनपद में 18 सीएचसी होने चाहिए, जबकि हैं सिर्फ पांच। यानी 3,59,882 आबादी पर एक सीएचसी है।
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चित्रकूट की आबादी 9,91,730 है। यहां 10 सीएचसी की दरकार है, जबकि सिर्फ दो सीएचसी हैं। यानी एक सीएचसी पर 4,95,865 आबादी के इलाज का जिम्मा है।

हमीरपुर की आबादी 11,04,285 है। यहां 11 सीएचसी होने चाहिए, लेकिन हैं सिर्फ आठ। यानी 1,38,000 आबादी पर एक सीएचसी है। महोबा जनपद की जनसंख्या 8,75,958 है। यहां 9 सीएचसी की जरूरत है, लेकिन हैं सिर्र्फ चार। एक सीएचसी पर 2,18,989 लोगों के इलाज का भार है।

सरकारी अस्पतालों में बढ़े 1.95 लाख मरीज
बांदा। मंडल की सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं भले ही बेहतर न हो, पर गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों का सरकारी अस्पतालों में इलाज कराना मजबूरी है। प्राइवेट अस्पतालों का महंगा इलाज करा पाने में असमर्थ लोग सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की शरण ले रहे हैं।

बीमारियों में हो रही वृद्धि से सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मंडल के चारोें जिलों के सरकारी अस्पतालों में 1,95,563 मरीज बढ़े हैं। वर्ष 2014 में चित्रकूटधाम मंडल के सभी सरकारी अस्पतालों में 28,93,065 मरीजों का इलाज हुआ। वर्ष 2015 में इनकी संख्या बढ़कर 30,58,628 हो गई।
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