बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में इस साल रबी फसल के लिए
2.84 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सबसे ज्यादा
बांदा जिले में 1,00,880 क्विंटल बीज अनुदान पर दिया जाएगा। बीज भंडारों के
अलावा सहकारी समितियों, यूपी एग्रो और बीज विकास निगम को भी बीज वितरण का
लक्ष्य दिया गया है।
इस वर्ष प्रमाणित बीज पर अनुदान के लिए
आरटीजीएस प्रणाली लागू की गई है। किसानों को पूरे दाम में बीज इन केंद्रों
से खरीदना होगा। अनुदान की धनराशि सप्ताह भर के अंदर उनके खाते में पहुंच
जाएगी। अनुदान का लाभ एक किसान को तीन साल में सिर्फ एक बार मिलेगा।
वह
भी जिसने कृषि विभाग में आनलाइन पंजीकरण कराया हो। शासन ने इस बार
चित्रकूटधाम मंडल में बीज वितरण का लक्ष्य 20 फीसदी बढ़ाया है। पिछले साल
2,54,560 के मुकाबले इस साल 2,84,680 क्विंटल प्रमाणित बीज अनुदान पर
मिलेगा। बांदा जनपद में 1,00,880 क्विंटल, हमीरपुर में 78,250 क्विंटल,
महोबा में 66,800 क्विंटल और चित्रकूट जिले में सबसे कम 38,750 क्विंटल रबी
बीज वितरण का लक्ष्य दिया गया है।
गेहूं में 1,62,655 क्विंटल
प्रमाणित बीज आवंटन का लक्ष्य है। इसमें चित्रकूट में 2130, हमीरपुर में
44970, बांदा में 65990, महोबा में 30,565 क्विंटल बीज अनुदान पर मिलेगा।
चना का बीज बांदा में 18050, हमीरपुर में 23800, महोबा में 18050 और
चित्रकूट में 1330 क्विंटल वितरित किया जाएगा। ऐसे ही जौ का बीज बांदा में
1440, हमीरपुर में 1620, महोबा में 955 और चित्रकूट में 350 क्विंटल आवंटित
होगा।
मटर का शोधित बीज चित्रकूट में 190, हमीरपुर में 4500,
बांदा में 1300 और महोबा में 11,600 क्विंटल बीज आएगा। मसूर का बीज बांदा
में 4730, चित्रकूट में 2480, हमीरपुर में 3190, महोबा में 3820 क्विंटल
मंगाया जाएगा। अलसी का बीज चित्रकूट में 50, हमीरपुर में 325, बांदा में
310 व महोबा में 880 क्विंटल आएगा। ऐसे ही सरसों का बीज चित्रकूट में 130,
हमीरपुर में 480, बांदा में 120 और चित्रकूट में 235 क्विंटल आवंटन का
लक्ष्य है।
चित्रकूटधाम मंडल में गेहूं का बीज कृषि विभाग के अलावा
सहकारी समितियों, यूपी एग्रो, बीज विकास निगम, आईएफएफडीसी और निजी
क्षेत्रों से भी वितरण कराया जाएगा। कृषि विभाग के बीज गोदामों से 37,070
क्विंटल, सहकारी समितियों से 4200, यूपी एग्रो से 1800, बीज विकास निगम से
3000 और आईएफएफडीसी से 350 क्विंटल गेहूं का बीज वितरित किया जाएगा।
1,16,235 क्विंटल बीज लाइसेंसधारी दुकानों या अन्य निजी क्षेत्र से वितरण
का लक्ष्य है।
रबी फसल की बुवाई शुरू होने के पहले चारों जनपदों
में बीज उपलब्ध कराया जाएगा। नामित संस्थाओं या कृषि विभाग के बीज बिक्री
केंद्रों से पूरी दर पर खरीदे गए गेहूं की रसीद कृषि विभाग में जमा करनी
होगी। सप्ताह भर बाद किसानों के खाते में अनुदान की धनराशि भेजी जाएगी।
किसान उपचारित व उन्नतशील बीज ही बोयें, ताकि फसलों का बेहतर उत्पादन लिया
जा सके। -डॉ. पंकज त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक कृषि, चित्रकूटधाम मंडल।