गुरुवार को फरवरी माह के अंतिम दिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की धूम रही। तीन ब्लाक मुख्यालयों पर सभी आठ ब्लाकों के चयनित जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ। 151 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। उन्हें मोबाइल फोन, जेवर और अन्य उपहार के साथ कन्या के खाते में 35 हजार रुपये भेजे गए। नरैनी में एक पुर्नविवाह भी हुआ।
बडोखर ब्लाक मुख्यालय में 41 जोड़ों का विवाह हुआ। इनमें बड़ोखर ब्लाक के 22, नगर पंचायत मटौध के 11 और बिसंडा के आठ जोड़े शामिल थे। ब्लाक प्रमुख विशंभर सिंह, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी, बीडीओ प्रियंका शुक्ला (बड़ोखर) और सरवर यार खां (बिसंडा), एडीओ सुरेश कुमार धुरिया आदि शामिल रहे। नरैनी ब्लाक में 52 जोड़ो का विवाह हुआ। समाज कल्याण अधिकारी अनिल कुमार कुशवाहा, बीडीओ मनोज कुमार सिंह, एडीओ पंचायत रमेशचंद्र उपस्थित रहे। चिकित्साधीक्षक डा.बीएस राजपूत ने जोड़ों को हेल्थ किट दी। पिपरा गांव की सुमन देवी ने रामबाबू के साथ पुनर्विवाह किया।
बबेरू में 60 जोड़े शादी के बंधन में बंधे। इनमें बबेरू सहित कमासिन व तिंदवारी ब्लाक के जोड़े भी शामिल थे। खंड विकास अधिकारी पियूष मोहन श्रीवास्तव, लालवृत यादव ने जोड़ों को उपहार व पौध दिए। संचालन कमासिन ग्राम विकास अधिकारी प्रभाकर पटेल ने किया। बबेरू ब्लाक प्रमुख सुमन देवी, कमासिन ब्लाक प्रमुख नीलम देवी, केशव प्रजापति, सचिव रवि मौर्या, कुंवर पाल सिंह, एडीओ सूरज पाल यादव, सचिव दिनेश यादव, चंद्रराज, सत्येंद्र सिंह, अनिल मौर्या, श्रीकांत गुप्ता, हरिनारायण, अजय सिंह, शिवलाल, अरविंद, विनोद, अजय पटेल, रश्मी देवी, सचिव दिलीप गुप्ता, संजय द्विवेदी, बाबू रामचंद्र आदि शामिल रहे। सचिव प्रभाकर पटेल ने सभी का आभार जताया।
सीएम को राखी भेजकर दूंगी धन्यवाद
दुरेड़ी की सियाबाई ने बड़ोखर ब्लाक में आयोजित समारोह में मवई के राजेश के साथ सात फेरे लिए। सिया ने बताया कि पिता की मौत के बाद विवाह में आर्थिक संकट आड़े आ रहा था। मजदूर पेशा भाई शादी का खर्च नहीं जुटा पा रहा था। मुख्यमंत्री विवाह योजना से उसे दुल्हन बनने का मौका मिला वह सीएम को राखी भेजकर धन्यवाद देगी।
पैसे के अभाव में दो बार टल गई थी शादी
बांदा। बड़ोखर ब्लाक के सामूहिक विवाह में दांपत्य सूत्र के बंधन में बंधी सुनैना (मटौंध) ने बताया कि उसकी शादी की चिंता में पिता बीमार हो गए। दो साल से अस्वस्थ्य हैं। पैसे के अभाव में उसकी दो बार शादी टल गई। सामूहिक विवाह के मंडप में उसे अपना जीवन साथी चुनने का मौका मिला। इसमें उसके चाचा ने पूरी मदद की।