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ब्लैक स्पॉट: घिस गए ब्रेकर, टूट पड़े संकेतक

Tue, 05 Dec 2023 09:01 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
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बांदा। ब्लैक स्पॉट हादसों को दावत दे रहे हैं। स्थिति यह है कि यहां पर 32 ब्लैक स्पॉट पर हर माह सड़क हादसों में 20 से 25 लोगों को जान गंवानी पड़ रही है। इस साल अक्तूबर तक ब्लैक स्पॉट के आसपास 280 सड़क हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। कोहरे के दौरान इस साल भी हादसों की संख्या बढ़ सकती है।
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तिंदवारी के सैमरी नाला मोड़ में इस साल अक्तूबर माह तक 75 सड़क हादसे हुए हैं। इसमें आठ लोगों की जान गई है। यहां पर पूर्व में लगाएं गए संकेतक और ब्रेकर दिखाई नहीं देते हैं। कमोवेश यही स्थिति जनपद मुख्यालय से सटे मवई चौराहे की है, यहां पर इस साल 46 सड़क हादसे हुए हैं। हादसे में सात को जान गंवानी पड़ी। पनगरा नहर पुलिया के पास संकेतक नहीं है। भारी वाहनों के आवागमन से ब्रेकर भी घिस गए है। रात के समय अक्सर यहां ट्रक खड़े हो जाते है।
जिले के ब्लैक स्पॉट-

लोक निर्माण विभाग के ब्लैक स्पॉट- कालू कुआ, मवई चौराहा, केसीएनआईटी, पनगरा नहर पुलिया, नरैनी चौराहा, कालिंजर-करतल मोड़, तिंदवारा। एनएच के ब्लैक स्पॉट-झांसी-इलाहाबाद मार्ग पर मटौध, भूरागढ़, अतर्रा चुग्गी चौकी बांदा, बडोखर ब्लाॅक, डिगवाही, अतर्रा तहसील, जमुनी पुरवा। एनएचआई के ब्लैक स्पॉट- महोखर, तिरही माफी, तिंदवारी, सैमरा नाला, पैलानी तहसील मोड़ आदि।
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वर्जन-

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए ब्लैक स्पॉट पर रिफलेक्टर, साइन बोर्ड, ब्रेकर, जेब्रा लाइन आदि बनाए गए हैं। लोग इसका पालन करें तो सड़क हादसों में कमी आएगी।

दिनेश सिंह यादव

अधिशासी अभियंता

लोक निर्माण खंड-दो, बांदा

वर्जन-
यातायात माह में लोक निर्माण, यातायात, परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से काम किया है। संकेतक व ब्रेकर बनाए गए है। यातायात नियमों का पालन न करने पर 32 हजार वाहनों के चालान किया गया।
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जियाउद्दीन

यातायात प्रभारी/क्षेत्राधिकारी, बांदा
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