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भाजपा सरकार ने पेट्रोल-डीजल में कमाए 18 लाख करोड़

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स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट में धरना प्रदर्शन करते कांग्रेसी। - फोटो : BANDA
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बांदा। डीजल-पेट्रोल के दामों में लगातार हो रही वृद्धि पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर जबरन वसूली का आरोप लगाया है। कहा कि भाजपा के शासनकाल में डीजल पर आठ और पेट्रोल पर ढाई गुना उत्पाद शुल्क बढ़ा है। सरकार ने 6 साल में 18 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं। प्रदर्शन के बाद डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को 5 सूत्री ज्ञापन भेजा। इसमें 5 मार्च के बाद बढ़ाई दरें वापस लेने की मांग की है।
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सोमवार को कांग्रेसियों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके पूर्व स्वतंत्रता स्मारक अशोक लाट पर धरना दिया। कलक्ट्रेट में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा है कि तीन माह में पेट्रोल-डीजल पर बार-बार उत्पाद शुल्क आदि बढ़ाया गया है। सरकार की यह मुनाफाखोरी है।
जबरन वसूली की जा रही है। कहा कि मई 2014 में जब भाजपा सत्ता में आई तो पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रुपये और डीजल पर 3.40 रुपये प्रति लीटर था। छह साल में उत्पाद शुल्क पेट्रोल पर 23.78 रुपये और डीजल पर 28.37 रुपये हो गया है। यानी डीजल पर 820 प्रतिशत और पेट्रोल पर 258 प्रतिशत उत्पाद शुल्क बढ़ा दिया।
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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छह साल में मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल से 18 लाख करोड़ कमा लिए। लॉकडाउन में मुनाफाखोरी की हदें पार कर दीं। कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय भाव 20.68 रुपये लीटर है, जबकि डीजल-पेट्रोल 80 रुपये लीटर बिक रहा है।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित, शहर अध्यक्ष पुष्पेंद्र श्रीवास्तव, पीसीसी सदस्य मुमताज अली, महिला अध्यक्ष सीमा खान, शिवबली सिंह, राजेश कुमार दुबे, युवा कांग्रेस नेता केशव पाल, बी. लाल, राजबहादुर गुप्ता, आकाश दीक्षित, राममिलन सिंह पटेल, सैय्यद अलतमश, राजेश द्विवेदी, राजेश गुप्ता, सुनील चौरसिया, पवन देवी, नासिर मंसूरी, सुखदेव गांधी, शमीम मंसूरी, बाबूराम निषाद, सलीम, तौहीद, लाला मंसूरी भी शामिल रहे।
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