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Chitrakoot News: बाइक सवार बदमाशों ने पीछा कर पिकअप पर किया पथराव

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जांच करते एसपी।  - फोटो : संवाद
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फोटो- 7- घटनास्थल पर पूछताछ करते एसपी अरुण कुमार सिंह व 6- बरामद पिकअप।
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मानिकपुर (चित्रकूट)। थाना क्षेत्र के झरी रेलवे गेट के पास शनिवार की देर रात दो बाइक सवार चार बदमाशों ने पिकअप का पीछा कर पथराव किया। बदमाशों से बचने के लिए जंगल में पिकअप छोड़कर चालक व खलासी भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जंगल से पिकअप बरामद की लेकिन चालक व खलासी के न मिलने पर उनके अपहरण होने की संभावना हुई। इसकी जानकारी होते ही एसपी अरुण सिंह व एसओजी टीम भी पहुंची। खोजबीन में चालक का मोबाइल मिला।

प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के बमरौली उतरहार निवासी मनीष पासवान ने बताया कि उनकी पिकअप प्रयागराज के बमरौली केशवपुर का राजकुमार खलासी पंकज कुमार के साथ लेकर नागपुर जा रहा था। रात करीब डेढ़ बजे चालक ने फोन कर सूचना दी कि मानिकपुर के झरी गेट के पास दो बाइकों से आए चार बदमाशों ने पिकअप को रुकवाने का प्रयास किया फिर पथराव शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए पिकअप भगाकर जा रहा हूं। आगे का रेलवे गेट बंद होने से पिकअप खड़ी कर भाग गए। बताया कि उसने यूपी-112 को सूचना दी।
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कुछ देर में सीओ यामीन अहमद के साथ पीआरवी, मानिकपुर,मारकुंडी व बहिलपुरवा थाने की पुलिस पहुंची और रात में ही चूल्ही गांव को जाने वाले रास्ते से पिकअप बरामद कर ली। पिकअप के शीशे टूटे थे। चालक का मोबाइल पिकअप से मिला है। अपहरण की संभावना पर रविवार को तड़के एसपी अरुण कुमार सिंह, एएसपी सत्यपाल सिंह, एसओजी टीम मौके पर पहुंची और घटना के बारे में जानकारी जुटाई। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया लूट के इरादे से ही पिकअप रुकवाने का प्रयास व पथराव किया गया है। चालक व खलासी भागकर जबलपुर पहुंच गए हैं। जो वापस आ रहे हैं। अपहरण नहीं हुआ है। बदमाशों की तलाश के लिए टीमें लगा दी गई है।
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कैसे पहुंचे गए जबलपुर, कहां गए दस हजार रुपये

रात डेढ़ बजे की घटना के दौरान चालक व खलासी के बदमाशों से बचकर भागने की बात पुलिस ने बताई है। रविवार की सुबह पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों भागकर जबलपुर पहुंच गए। आखिर बदमाशों ने दोनों का अपहरण या इनके साथ लूट कर मारपीट नहीं की तो कैसे इतनी जल्दी किस वाहन से जबलपुर पहुंच गए। घटनास्थल से रेलवे स्टेशन भी दूर है। चालक व खलासी के पास दस हजार रुपये होने की बात पिकअप मालिक ने बताई है। वह रुपये इनके पास बचे या लूट लिए गए। बाइक सवार बदमाश इन्हें ढूंढ नहीं पाए अथवा डरकर भाग गए। बाइक सवार चार बदमाश थे तो फिर रिपोर्ट दो बदमाश के खिलाफ क्यों लिखी गई। इन सभी सवालों पर एसपी अरुण सिंह ने बताया कि चालक व खलासी ने फोन पर बताया कि वह दोनों मानिकपुर आ रहे हैं। चालक के मोबाइल से खलासी का नंबर मिला और उसकी सर्विलांस से जानकारी पर लोकेशन जबलपुर बताई गई। उनसे बातचीत के बाद पूरी कहानी सामने आएगी।
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