बांदा। बड़े भाई की बरात विदा कराकर दहेज में मिली बाइक पर मंगलवार को वापस महोबा लौटते समय बोलेरो की टक्कर से बाइक चालक दूल्हे के छोटे भाई और उसके चचेरे भाई की मौत हो गई। हादसे के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। बोलेरो चालक के विरुद्ध कई धाराओं में मृतक के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया।
महोबा शहर के मकनियापुरा से सोमवार को दोपहर शाकिर के बेटे नसीम अली की बरात बांदा जनपद के नरैनी इलाके में कबौली गांव आई थी। निकाह आदि की सारी रस्में पूरी होने के बाद मंगलवार को तड़के करीब चार बजे बरात विदा हो गई। दूल्हा-दुल्हन सहित सभी बराती कई वाहनों से महोबा के लिए रवाना हो गए। दूल्हे नसीम का छोटा भाई वसीम अली दहेज में मिली बाइक पर बराती वाहनों के पीछे चल पड़ा। बाइक पर उसका चचेरा भाई पप्पू का बेटा राजा (25) भी सवार था। कुछ दूर चलने के बाद बांदा-नरैनी रोड पर गिरवां थाना क्षेत्र के बड़ोखर बुजुर्ग गांव में नहर पुलिया के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक चला रहा वसीम और साथ बैठे राजा सड़क पर आ गिरे। दोनों को बोलेरो ने कुचल दिया। वसीम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजा सड़क पर पड़ा कराहता रहा।
इस बीच राजा ने फोने से बरात में शामिल अन्य लोगों को हादसे की जानकारी दी। कुछ देर बाद राजा की भी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक बोलेरो सहित भाग निकला। कुछ ही फासले पर आगे चल रहे दूल्हा का भाई शमीम अन्य साथियों के साथ वापस लौटा और दोनों को जिला अस्पताल लाया। जहां डाक्टरों ने दोनों की मौत की पुष्टि कर दी। इस बीच मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। शवों को अस्पताल में पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मृतक के भाई शमीम ने गिरवां थाने में अज्ञात बोलेरो चालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना पुलिस का कहना है कि बोलेरो की तलाश की जा रही है। मंगलवार को शाम यहां मेडिकल कालेज में पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिया गया। इन्हें लेकर वह महोबा रवाना हो गए।
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शादी की खुशियां मातम में बदलीं
महोबा। दो भाइयों की मौत के शादी वाले घर में हंसी खुशी का माहौल गमगीन हो गया। मंगलवार की शाम को सात बजे शव आते ही परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। मोहल्ले में मातम सा छा गया। मोहल्ले के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके। एक सप्ताह से घर में चल रहा हंसी खुशी का माहौल गमगीन हो गया। नई नवेली बहू भी शादी की खुशियां नहीं मना सकी और दहाड़ मारकर रोती रही। तमाम लोग मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। राजा का शव उसके गांव पनवाड़ी भेज दिया गया। वसीम टेंपो चलाता था, जबकि राजा स्वास्थ्य विभाग पनवाड़ी में अस्थायी रूप से काम करता था। (संवाद)
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शादी में आए रिश्तेदार जनाजे में हुए शामिल
शादी समारोह शामिल होने आए रिश्तेदार खुशियां मनाने के बजाय दूल्हे के भाई के जनाजे की नमाज में शामिल हुए। दूर-दराज से आए रिश्तेदार सारा दिन शवों के आने का इंतजार करते रहे और गमगीन रहे। देर शाम को शवों के आने के बाद रिश्तेदारों और परिजनों ने गुस्ल कराने के बाद कब्रगाह में दफन कराया।
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शव आने से पहले ही खुद गई थी कब्र
बरात से हंसी खुशी लौटने के बजाय दूल्हे के एक भाई और एक चचेरे भाई की मौत की खबर से घर का माहौल मातम में बदल गया। दोनों भाइयों के घर आने से पहले उनकी कब्र खोदकर तैयार करा दी गई। दो जवान भाइयों की मौत से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस सदमे से मां-बाप का रो-रोकर हाल बेहाल रहा।