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गर्मी से पहले गहराया जल संकट

Thu, 04 Feb 2016 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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बांदा। गर्मी से पहले ही पेयजल संकट गहराने लगा है। गर्मी में मंडल मुख्यालय में पानी का भीषण संकट हो सकता है। शहर को पेयजल उपलब्ध कराने वाली केन नदी मेें पानी की कमी हो गई है।
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नदी से शहर के अधिकांश इलाके को जलापूर्ति कर रहे चित्रकूटधाम मंडल जल संस्थान के पसीने छूट रहे हैं। जोड़-तोड़ और जुगाड़ से केन नदी की बची-खुची जलधारा को गहरा कर जल संस्थान इंटेकवेल के बोरिंग पाइप की गहराई बढ़ाने में जुटा है।

फिलहाल ठंड के दिन हैं। पानी की खपत काफी कम है। अगले माह से मौसम के तेवर बदल जाएंगे। तापमान बढ़ने से पानी की खपत भी बढ़ जाएगी। दूसरी तरफ केन नदी का पानी तीन मीटर घटकर 91 से 88 मीटर पर आ गया है।
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गर्मी में और गिरेगा। नदी में जल संस्थान ने अपने दो इंटेकवेल बना रखे हैं। इनसे करीब 19 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) आपूर्ति किया जा रहा है, लेकिन हालात दिन-ब-दिन खराब हो रहे हैं।

नदी के घटते जलस्तर से इंटेकवेल का डिस्चार्ज भी घट रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि गर्मी में नदी का पानी तीन से चार मीटर और कम हो जाएगा।

हालात से निपटने के लिए जल संस्थान ने इंटेकवेल की पाइप नदी के अंदर और बढ़ाने का निर्णय लिया है। पंप से नदी के जलस्तर तक 70 फिट पाइप पड़ी है। इसे पानी के अंदर 10 फिट और बढ़ाया जा रहा है।

इसके लिए नदी की तलहटी को भी गहरा किया जा रहा है। नदी की बची-खुची जलधारा को रेत की दीवार खड़ी कर इंटेकवेल की तरफ मोड़ दिया गया है। साथ ही पाइप के आसपास लगभग 15 फिट नदी गहरी की गई है।
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