बांदा। कृषि विश्वविद्यालय के नौंवे दीक्षांत समारोह में सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि छात्र-छात्राएं व वैज्ञानिक कैंपस से निकलकर कुछ ऐसा करें कि किसान, महिलाएं आत्मनिर्भर बनें। गरीब बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
कहा कि आज जो पदक मिले हैं, उसके पीछे माता-पिता की मेहनत भी है। उनका योगदान कभी न भूलें। जो पदक से वंचित रह गए, वे भी कुछ ऐसा करें कि उनके कार्य ही पदक के रूप में जाने जाएं। यहां के लोग पपीता, गुलाब, नीम, एलोवेरा उगाएं और कम लागत से अन्य चीजें जैसे साबुन आदि प्रोडक्ट खुद ही तैयार कर आत्मनिर्भर बनें।
कहा कि कृषि वैज्ञानिक और छात्र किसानों के बीच जाकर वैज्ञानिक तकनीकि से खेती, खुद की खाद बनाने के तरीके बताएं। सामाजिक समस्याओं के विषयों में शोध करें। उन्नतशील बीजों को तैयार करने का कार्य करें, जिससे बेहतर उत्पादन हो। समूह की महिलाएं लखपति और ड्रोन दीदी कैसे बनें, इस दिशा में काम करें।
इसके पूर्व उन्होंने ग्रामीण महिला कौशल एवं उद्यमिता विकास केंद्र का फीता काटकर शुभारंभ किया। महिला छात्रावास का भी शिलान्यास किया। अंत में उन्होंने परिषदीय स्कूलों के बच्चों को किताबें व आंगनबाड़ी केंद्र की महिलाओं को किट बांटी।