बांदा। प्रधान और सदस्य पद की मतगणना की सभी
तैयारियां पूरी हो गईं। 470 ग्राम पंचायतों में 10,420 प्रत्याशियों के
राजनीतिक भाग्य का फैसला रविवार को हो जाएगा।
ग्राम प्रधान के 6653
और सदस्य के 3767 उम्मीदवारों के नतीजों को लेकर गांवों की चौपालों में
प्रत्याशियों के समर्थकों में बेचैनी है।
मनरेगा और वित्त आयोग और
पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि समेत तमाम मदों से हर साल लाखों रुपये के बजट
ने ग्राम प्रधान का क्रेज इस कदर बढ़ा दिया है कि चुनाव लड़ने वालों की
संख्या सदस्य प्रत्याशियों से ज्यादा पहुंच गई।
जिले के आठ विकास
खंडों की 471 ग्राम पंचायतों में जसपुरा ब्लाक की ग्राम पंचायत सबादा में
प्रधान समेत सभी सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
अब 470
ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए 6,653 प्रत्याशियों के बीच हार-जीत का
फैसला होना है। नरैनी ब्लाक की 83 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के सबसे
अधिक 1259 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि सदस्य के 316 वार्डों के लिए
673 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।
बड़ोखर खुर्द ब्लाक में
59 ग्राम प्रधान के लिए 798 प्रत्याशियों की किस्मत किस्मत दांव पर है।
यहां 773 वार्डों में 215 वार्डों के लिए 477 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
बाकी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
महुआ ब्लाक में ग्राम
प्रधान के 76 पदों के लिए 996 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा। 325
वार्डों के लिए 673 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं।
तिंदवारी ब्लाक
की 56 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के 714 प्रत्याशियों के भाग्य का
फैसला होगा। यहां 204 वार्डों में 471 सदस्यों के वोट भी गिने जाएंगे।
जसपुरा
ब्लाक में एक प्रधान निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद 31 ग्राम पंचायतों
में प्रधान पद के 330 प्रत्याशियों की हार-जीत तय होगी। यहां 150 वार्डों
में 353 सदस्य प्रत्याशियों की भी गणना होगी।
बिसंडा ब्लाक में 49
ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए 858 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं।
सदस्य के 223 वार्डों में 500 प्रत्याशी हैं।
बबेरू ब्लाक में 61
ग्राम पंचायतों में 864 प्रधान प्रत्याशी और 154 वार्डों में 349 सदस्यों
के राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा। कमासिन ब्लाक की 55 ग्राम पंचायतों में
834 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर है।