फोटबांदा। वनांगना संस्था ने सोमवार को शिक्षा साक्षरता युवती मेले में किशोरियों को किताबी शिक्षा के अलावा बुनियादी शिक्षा पर भी जोर दिया। मेले में मॉडल और झांकियां लगाकर उन्हें बताया कि उनका संगठन इस मुद्दे पर किस तरह काम कर रहा है?
शहर के छावनी में स्थित मैरिज हाल में आयोजित मेले में गीत और नाटकों से दहेज प्रथा पर कटाक्ष और शिक्षा के लिए प्रेरित किया गया। कई छात्राओं और महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। नसरीन व वंदना ने बताया कि किस तरह एक लड़की की शिक्षा में गरीबी, धर्म, जेंडर भेदभाव आदि आड़े आता है। मेले में वनांगना की प्रशिक्षकों ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, नरैनी की छात्राओं को आत्म सुरक्षा की ट्रेनिंग भी दी। अभिभावक यशोदा और कुसुमा ने कहा कि लड़कियों के साथ हो रही छेड़छाड़ और हिंसा से वह अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेज पातीं। कहीं-कहीं गरीबी भी आड़े आती है।
मेला और मिलन समारोह का उद्देश्य बताते हुए वनांगना की शबीना मुमताज ने कहा कि खासतौर पर यह कस्तूरबा सेंटर की किशोरियों का मिलन समारोह है। उद्घाटन आर्य कन्या इंटर कालेज प्रबंधक और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शमीम बानो तथा महिला डिग्री कालेज की प्रवक्ता डा. सबीहा रहमानी, सामाजिक कार्यकर्ता मीना धुरिया व अजय शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। संस्था की अवधेश गुप्ता ने सभी का स्वागत किया।
इस अवसर पर सद्भावना (लखनऊ), सहजनी (ललितपुर), साकार (बरेली), अवध पीपुल्स फोरम (फैजाबाद), सदतकदा (लखनऊ) की किशोरियां भी शामिल रहीं। मेले में जेंडर, हिंसा और स्वास्थ्य शिक्षा पर कई स्टाल लगाए गए। इनका संचालन सूरज कली, संतोष, सुमित्रा, श्यामकली, रानी, अनीता, ललिता, रुखसाना, शशि, शहनाज, सर्जना, मुबीना, केसरानी, रातरानी, अजरा, कलावती आदि ने किया। मंजू सोनी ने सभी का आभार जताया। संचालन शोभा देवी ने किया।