चित्रकूटधाम मंडल और सीमावर्ती मध्यप्रदेश के बांध क्षेत्रों में मंगलवार की पूरी रात झमाझम बारिश हुई। इससे बरियारपुर के बाद अब गंगऊ बांध भी उफनाने लगा है। बरियारपुर से 1850 और गंगऊ से 750 क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा है।
24 घंटों में बांदा में 131 मिलीमीटर बारिश हुई है। तीन दिन में 223 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। उधर, बांदा में केन नदी लगभग एक मीटर बढ़ गई है। नदी की तलहटी पर बोई गई सैकड़ों बीघा सब्जी की फसल डूब गई। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। केन नदी का जलस्तर 15 से 20 सेंटीमीटर प्रति घंटा बढ़ रहा है। चंद्रावल नदी ऊफनाने से कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया।
मंगलवार को दिनभर रुक-रुक बारिश हुई। शाम को तेजी पकड़ ली। रात में जोरदार पानी बरसा। कभी तेज तो कभी धीमी बारिश का सिलसिला पूरी रात जारी रहा। 131 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बुधवार को दिन मेें बारिश थमी रही। उधर, मध्य प्रदेश की घाटियों में भी बारिश होने से बरियारपुर और गंगऊ बांधों के जलस्तर में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। 24 घंटे में बरियारपुर का जलस्तर 10 फीट बढ़कर 607.6 फीट हो गया।
बांध की क्रस्टवाल से ऊफनाकर 850 क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा है। यहां रात में 22 मिलीमीटर बारिश हुई। उधर, गंगऊ का जलस्तर भी 24 घंटे में ढाई मीटर बढ़ गया। बुधवार को बांध के पानी का पैमाना 728.1 फीट हो गया। क्रस्टवाल से ऊफनाकर 750.15 क्यूसिक पानी केन नदी में गिरता रहा। बांध में बारिश मात्र छह मिलीमीटर हुई। रनगवां बांध का जलस्तर 721.23 फीट पर थमा है।
तीन दिन में तीनों बांध क्षेत्रों में 139 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है। बांधों से डिस्चार्ज हो रहे पानी से केन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। 24 घंटे में लगभग एक मीटर की वृद्धि हुई है। बुधवार को बांदा में नदी का जलस्तर 95 मीटर पर पहुंच गया। उधर, चिल्ला में यमुना नदी 85.9 मीटर पर थमी हैं। सिंचाई विभाग के मुताबिक पिछले तीन दिनों में बांदा में 223 मिलीमीटर वर्षा हुई है।
बारिश से बबेरू, अतर्रा, नरैनी, तिंदवारी आदि में जगह-जगह पानी भर गया। निचले इलाकों में मकानों में पानी घुस गया। लोग घंटों घर में कैद रहे। उधर, जसपुरा क्षेत्र में चंद्रावल नदी की ऊफान से पानी सड़क के ऊपर आ गया। तेज बहाव के चलते अमारा कुटी, बरेहटा आदि गांवों का सड़क से संपर्क टूट गया।