पचकौरी गांव में दलितों की बस्ती से हटाए गए कंटीले तार।
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पैलानी थाना क्षेत्र के मजरा पचकौरी (अदरी) में पूर्व ब्लाक प्रमुख द्वारा दलितों के घर के आगे लगाए गए कंटीले तार (बेरीकेडिंग) हटा लिए गए हैं। थानाध्यक्ष ने दलितों के घर में ताला जड़ने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। उधर, दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया है। इस समझौता पत्र में भी कहीं ताला जड़ने का जिक्र नहीं है।
पचकौरी गांव में तीन दलितों ने एसडीएम को दी अर्जी में आरोप लगाया था कि पूर्व ब्लाक प्रमुख छिद्दू सिंह ने उनके घर में ताला लगा दिया है। दलितों की बस्ती के आगे कंटीले तार लगा दिए। एसडीएम सुरेंद्र प्रसाद यादव ने दलितों के शिकायती पत्र पर पैलानी थानाध्यक्ष को अविलंब मौके पर जाकर जांच करने और अगर ताला लगाया गया है तो दोषियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
दलितों ने अर्जी में कहा था कि दबंग उनके परिवार के साथ बदसुलूकी और धौंस-धमकी भी दे रहे हैं। थानाध्यक्ष सदाशिव मौर्य ने बताया कि वह मौके पर गए थे। उन्हें दलितों के घर में ताले लगे नहीं मिले। थानाध्यक्ष के मुताबिक छिद्दू सिंह के पूर्वजों ने दलितों को रहने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन दी थी। जिस पर यह मकान बनाकर आज भी रह रहे हैं। लेकिन अब आगे भी उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसीलिए अवैध कब्जा रोकने के लिए छिद्दू सिंह ने कंटीले तार लगा दिए थे।
थानाध्यक्ष ने बताया कि यह तार भी हटा दिए गए हैं। दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया है कि छिद्दू सिंह की भूमिधरी पर दलित बस्ती के लोग कब्जा नहीं करेंगे। छिद्दू सिंह दलितों का रास्ता नहीं रोकेगा। समझौता पत्र में कहीं भी ताला लगाने का जिक्र नहीं किया गया है। समझौता पत्र में दलितों की ओर से गोरेलाल, रमेश, इंद्रपाल, राजाबाबू और अर्जुन ने हस्ताक्षर किए हैं। पूर्व ब्लाक प्रमुख छिद्दू सिंह के भी हस्ताक्षर हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि अब वहां कोई विवाद नहीं है।